संविधान संशोधन विधेयक पारित होने से चीन के कानूनी प्रशासन को बढ़ावा मिलेगा

2018-03-12 11:02:03

11 मार्च की दोपहर के बाद 13वीं चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा के पहले सत्र की तीसरी महासभा में मतदान से संविधान संशोधन विधेयक पारित किया गया ।14 साल के बाद चीनी संविधान में फिर नये युग के नये विषय शामिल किया गया ।चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा की स्थाई समिति के कानूनी कार्य आयोग के महानिदेशक शन छुनयोंग ने उस दिन आयोजित एक विशेष संवाददाता सम्मेलन पर बताया कि संविधान संशोधन विधेयक पारित होने से चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और देश के विकास को बड़ी मजबूती मिलेगी और चीनी समाजवाद के कानूनी प्रशासन के निर्माण को बढावा मिलेगा ।

तीसरी महासभा में 2964 प्रतिनिधियों ने संविधान संशोधन विधेयक के बारे में मतदान में भाग लिया ।मत गणना के परिणाम के अनुसार पक्ष में 2958 वोट और विपक्ष में 2 वोट डाले गये ,जबकि तीन मतदान में अलग रहे ।13वीं राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा के पहले सत्र के अध्यक्ष-मंडल ने उस दिन संविधान संशोधन विधेयक सार्वजनिक कर उसे लागू करने की अधिसूचना जारी की ।

अभी पारित संविधान संशोधन विधेयक की 21 धाराएं हैं ,जिन में शी चिनफिंग की नये युग में चीनी विशेषता वाले समाजवाद की विचारधारा देश के राजनीतिक और सामाजिक जीवन में मार्गदर्शक स्थान निर्धारित किया ।इस के प्रति शन छुनयोंग ने बताया कि चीनी संविधान की एक बड़ी विशेषता देश की मार्गदर्शक विचारधारा का निर्धारण है ।चीनी संविधान में शी चिनफिंग की नये युग में चीनी विशेषता वाले समाजवाद की विचारधारा शामिल कराने से देश की मार्गदर्शक विचारधारा समय के साथ बढ़ गयी है ।

संविधान संशोधन विधेयक में राष्ट्राध्यक्ष और उपराष्ट्राध्यक्ष के लगातार दो कार्यकाल तक नहीं बने रहने का नियम रद्द करने के बारे में शन छुनयोंग ने बताया कि यह संशोधन चीन की राष्ट्रीय नेतृत्वकारी व्यवस्था को संपूर्ण बनाने और पार्टी व देश की चिरस्थाई स्थिरता के लिए लाभदायक है ।एक ही व्यक्ति का पार्टी ,देश और सेना का सर्वोच्च पद संभालना हमारी जैसी एक बड़ी पार्टी और बड़े देश के लिए न सिर्फ जरूरी ,बल्कि सब से समुचित है ।इस तरह के संशोधन से शी चिनफिंग से केंद्रित पार्टी की केंद्रीय कमेटी के प्राधिकार और एकतापूर्णँ नेतृत्व के लिए हितकारी है ।(वेइतुंग)

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