एनपीसी में संविधान संशोधन प्रस्ताव पारित होने पर नज़र

2018-03-12 16:32:05

13वीं एनपीसी के पहले पूर्णाधिवेशन ने 11 मार्च के तीसरे पहर मतदान के जरिए चीन का संविधान संशोधन प्रस्ताव पारित किया गया। विश्व की प्रमुख मीडिया संस्थाओं ने इस पर रिपोर्टिंग की। विदेशी विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने इसका सक्रिय मूल्यांकन किया। उन का मानना है कि संविधान संशोधन नये युग में चीन के विकास की रक्षा करता है, जिसका अहम यथार्थ अर्थ और गहरा ऐतिहासिक मतलब होता है।

जोर्डन के अरबी भाषी लेखक मरवान सुदाह ने कहा कि इधर के सालों में चीन के विकास ने विश्व के लिए मिसाल स्थापित किया है। मुझे विश्वास है कि नये युग में चीन का अर्थतंत्र व समाज और समृद्ध होगा। देश का प्रशासन और सफल होगा।

इंटरपार्लियामेंट के महासचिव मार्टिन छोगोंग ने कहा कि साझे भाग्य के समुदाय का निर्माण करने को संविधान लिखने से इस विचारधारा के कार्यान्वयन के लिए देश का कर्तव्य तय किया गया, जो अवश्य ही चीन के आर्थिक व सामाजिक विकास और चीन की विदेशी नीति पर अहम और सक्रिय असर पड़ेगा। मानव साझे भाग्य के समुदाय के निर्माण को आगे बढ़ाना चीनी जनता का संघर्ष लक्ष्य है, जो विश्व की शांति, स्थिरता और विकास के लिए लाभदायक है।

जापानी गोंगमिंग पार्टी के निदेशक माकोतो निशिदा ने कहा कि चीनी विशेषता वाले समाजवाद के नये युग में प्रवेश करने से अंतर्राष्ट्रीय मामलों में चीन का अहम प्रभाव हो चुका है। शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर कायम रहना, आपसी लाभ व समान उदार वाले खुलेपन की रणनीति पर कामय रहना और मानव साझे भाग्य के समुदाय को संविधान में लिखना विश्व के शांतिपूर्ण विकास की मांग से मेल खाने वाला अहम उसूल है। जिससे यह साबित होता है कि मानव साझे भाग्य के समुदाय को योगदान देने में चीन की बड़ी इच्छा है।

(श्याओयांग)

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