संविधान संशोधन कानून के मुताबिक देश का प्रशासन करने की नयी परिस्थिति खोलेगा

2018-03-13 16:32:00

11 मार्च को चीनी संविधान का संशोधन प्रस्ताव 13वीं एनपीसी के पहले पूर्णाधिवेशन में पारित किया गया। यह 1982 के बाद चीन में मौजूदा संविधान लागू होने के बाद पांचवीं बार का संशोधन है। एनपीसी के कई प्रतिनिधियों ने पत्रकारों के साथ साक्षात्कार में संविधान के संशोधन पर अपने विचार व्यक्त किए।

एनपीसी के प्रतिनिधि क्वांग तोंग के वकील चू ल्येईय्वू की नजर में संविधान संशोधन प्रस्ताव की कुल 21 धाराएं हैं, जिसमें पहले के संविधान के कुछ भागों में संशोधन किया गया है। इस से संविधान की स्थिरता बरकरार रखी हुई है। साथ ही वह लोकतांत्रिक और वैज्ञानिक रूप से कानून निर्माण करने के मार्गदर्शक विचार भी पेश करता है, जो भविष्य के कानूनोसंशोधन के लिए महत्व अर्थ होता है।

एनपीसी के प्रतिनिधि शान तोंग से आए वकील काओ मिंगछिन ने कहा कि संविधान का संशोधन अति आवश्यक्त है। संविधान में स्पष्ट लिखाया गया कि स्थानीय शहरों को कानून बनाने के अधिकार को दिया जाएगा। चीन एक विशाल देश है और विभिन्न क्षेत्रों में भारी घाटा होता है। शहरों को कानून बनाने का अधिकार देने से यह साबित हुआ है कि चीन की स्थानीय सरकार और विस्तृत माध्यमों से अपने क्षेत्र का प्रशासन कर सकेगी, जो क्षेत्रीय प्रशासन के लिए कानूनी आधार तैयार हो सकेगा।

(श्याओयांग)

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