फिलिस्तीन के मानवाधिकार पर चर्चा - संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद

2018-03-21 16:03:02

जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की 37वीं बैठक ने 20 मार्च को फिलिस्तीन और अन्य अधिकृत क्षेत्रों में मानवाधिकार स्थिति पर सामान्य चर्चा की। उपस्थित देशों ने इजराइल द्वारा अधिकृत क्षेत्रों में मानवाधिकार स्थिति के बिगड़ने पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से इन क्षेत्रों में मानवाधिकार स्थिति पर ध्यान देने की अपील की और यरूशलेम पर दीर्घकालिक आम सहमति को बदलने का विरोध भी किया।

मानव अधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त केट गिल्मोर ने दूसरों द्वारा अधिकृत फिलिस्तीन और अन्य क्षेत्रों में मानवाधिकार स्थिति के बारे में छह रिपोर्ट पेश की। इन रिपोर्टों में इजराइल के अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और मानवाधिकार कानून का उल्लंघन करने की स्थिति सूचीबद्ध की गई। जिसमें फिलीस्तीनियों के मनमानी गिरफ्तार करने, यहूदी बस्तियों का विस्तार करने आदि शामिल है।

गिल्मोर ने कहा कि इजरायल के गाजा पर नाकाबंदी करने की वजह से 20 लाख फिलीस्तीनी लोग स्वतंत्र रूप से स्थानांतरित नहीं कर सकते। हर दिन में 20 घंटे तक बिजली की कटौती होती है। स्वास्थ्य व्यवस्था खराब ही रही है। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने यरूशलेम को इजरायल की राजधानी के रूप में घोषित किया। जिससे इजरायल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष और बढ़ गया।

हमेशा की तरह इयरायल की ओर से किसी भी ने नहीं दिखाई दी है।

(नीलम)

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