भारत में चीन की नीति पर बड़ी बहस का माहौल सकारात्मक

2018-03-22 18:03:01

इधर के कुछ दिनों में भारत में चीन के प्रति नीति के बारे में एक बड़ी बहस चल रही है। सरकार, सेना, वाणिज्य जगत, मीडिया और थिंक टैंक के कई लोगों ने इस में भाग लिया और चीन-भारत संबंधों पर अपने-अपने विचार पेश किये। इस बड़ी बहस में सकारात्मक, वस्तुगत और संतुलित आवाजें अधिक बुलंद हो रही हैं ।

इन में दो विचारों पर ध्यान देने के योग्य हैं। एक है अवसर का विचार यानी चीन के विकास को भारत का अवसर माना जाता है और द्विपक्षीय संबंधों के सुधार का समर्थन किया जाता है। भारत के मशहूर शोधकर्ता सुधींद्र कुलकर्नी के विचार में चीन के विकास का अनुभव सीखने का बड़ा महत्व है । चीन के विकास से भारत समेत चीन के पड़ोसी देशों के लिए विशाल मौका है ।दूसरा है संतुलन का विचार, चीन को अधिक वस्तुगत और संतुलित दृष्टिकोण से देखना चाहिए ।सहयोग के साथ सतर्क भी रहना है ।अख़बार द हिंदू ने एक टिप्पणी में कहा कि चीन का क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है ।चीन के साथ मुकाबला करना भारत के विकास के अनुरूप नहीं है ।इस के अलावा अमेरिका एक विश्वसनीय साझेदार नहीं है ।भारत को सभी अंडे एक टोकरी में नहीं रखने चाहिए ।भारत को चीन समेत बड़े देशो के साथ सहयोग चलाने की आवश्यकता है ।

आम तौर पर देखा जाए मौजूदा बहस चीन भारत संबंधों के विकास के लिए सकारात्मक महत्व रखती है ।चीन भारत द्वारा चीन के प्रति नीति सुधारने और द्विपक्षीय संबंधों का फिर सही पटरी पर लौटने का स्वागत करना चाहिए और दो देशों के संबंधों में आ रहे सकारात्मक रूझान को मजबूत बनाना चाहिए ।दोनों पक्षों को पारस्परिक रणनीतिक विश्वास और समान विकास बढ़ाना चाहिए ।इसके अलावा मतभेदों का अच्छी तरह नियंत्रण किया जाना चाहिए ।

(लेखक, ल्यू छिंग ,चीनी भारत संबंधों के अध्ययनकर्ता )

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी