चीन-भारत आर्थिक सहयोग की निहित शक्ति शीर्षक टीवी बहस बोआओ में आयोजित

2018-04-10 17:32:02

9 अप्रैल को बोआओ एशिया मंच के वर्ष 2018 वार्षिक सम्मेलन के दौरान चीन-भारत आर्थिक सहयोग की निहित शक्ति शीर्षक पर टीवी बहस बोआओ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में आयोजित हुई। भारत के टाटा समूह के माननीय अध्यक्ष रतन टाटा, चीन के पूर्व उप विदेश व्यापार मंत्री लोंग योंग थू, चीन के पूर्व वाणिज्य मंत्री छेन द मिंग और फ्रांस के पुल थिंक टैंक के अध्यक्ष जोएल रुट ने चीन-भारत संबंध, द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापारिक आवाजाही की संभावना समेत कई मुद्दों पर बहस की और अपना अपनी राय रखी।

भारत के टाटा समूह के माननीय अध्यक्ष रतन टाटा ने कहा कि वर्तमान स्थिति में विकास के लिए चीन और भारत के लिये एकसाथ काम करने वाले कई अवसर हैं, विशेषकर आर्थिक और व्यापारिक क्षेत्र में । उनका विचार है कि चीन और भारत को और उच्च स्तर पर एक दूसरे का विश्वास करने वाली व्यवस्था की स्थापना करनी चाहिए, ताकि समान रूप से और अधिक क्षेत्रों में आपसी जोड़ने और समान जीत मिले।

चीन के पूर्व उप विदेश व्यापार मंत्री लोंग योंग थू ने कहा कि भारत को विनिर्माण उद्योग के विकास में गति देना चाहिए। औद्योगिक संरचना की दृष्टि से देखा जाए भारत के विनिर्माण उद्योग का आधार अपेक्षाकृत कमज़ोर है। इस क्षेत्र में चीन का समृद्ध अनुभव है। भारत चीन के साथ इसे साझा कर सकता है।

चीन के पूर्व वाणिज्य मंत्री छेन द मिंग ने कहा कि सूचना आयु में कृत्रिम बुद्धि का विकास और उपयोग चीन और भारत जैसे श्रम शक्ति के बड़े देशों को चुनौतियां लाएँगी। इस पृष्ठभूमि में चीन और भारत के आर्थिक और व्यापारिक ढांचे पर कुछ प्रभाव पड़ सकता है। दोनों देशों को श्रम की गुणवत्ता और शिक्षा के स्तर को बढ़ाना चाहिए।

फ्रांस के पुल थिंक टैंक के अध्यक्ष जोएल रुट का विचार है कि चीन और भारत व्यापार की अवधारणा को पुनः परिभाषित करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि चीन और भारत के कई समान क्षेत्र हैं। दोनों पक्ष एक दूसरे के विकास और सुधार की आपूर्ति को समझ कर सकते हैं। इसलिए दोनों पक्ष व्यापार से एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं।

(वनिता)

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