भारत स्थित चीनी राजदूत ने चीन-भारत संबंधों की चर्चा की

2018-04-25 19:32:03

हाल ही में भारत स्थित चीनी राजदूत ल्वो चाओह्वेई ने चीन-भारत संबंधों की चर्चा करते हुए कहा कि 27 से 28 अप्रैल तक चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वूहान में अनौपचारिक यात्रा करेंगे। भारत के विभिन्न जगत इस की प्रतीक्षा में हैं। चीन-भारत संबंध युग का महत्वपूर्ण विषय है, और वास्तविकता की मांग भी है, जो दोनों देशों व अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की समान प्रतीक्षा है।

अंतर्राष्ट्रीय दृष्टि से देखा जाए, तो चीन-भारत संबंधों का भूमंडलीय व रणनीतिक महत्व ज्यादा से ज्यादा स्पष्ट हो चुका है। चीन व भारत को सबसे बड़े विकासशील देशों व महत्वपूर्ण नवोदित बाजारों के रूप में एक साथ चुनौतियों का समाना करना और सहयोग करना चाहिये। रिवर्स वैश्वीकरण व व्यापारिक संरक्षणवाद की पृष्ठभूमि में चीन-भारत के नेताओं को एक साथ आर्थिक भूमंडलीकरण व स्वतंत्र व्यापार को मजबूत करना चाहिये। ताकि विकासशील देशों के बीच एकता व सहयोग को मजबूत किया जा सके, और वैश्विक निष्पक्षता व न्याय की रक्षा की जा सके।

अपने अपने देश की स्थिति की दृष्टि से देखा जाए, तो चीन-भारत संबंधों के वास्तविक व व्यावहारिक महत्व और उल्लेखनीय बन चुका है। क्योंकि दोनों पक्ष आर्थिक विकास करने, सुधार गहन करने, और आधुनिकीकरण को मजबूत करने के महत्वपूर्ण चरण में हैं।

द्विपक्षीय संबंधों की दृष्टि से देखा जाए, तो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस से राष्ट्रपति शी चिनफिंग व प्रधानमंत्री मोदी ने क्रमशः 13 बार भेंट की हैं। और श्यामन भेंट में दोनों ने अनौपचारिक भेंट करने की महत्वपूर्ण सहमति प्राप्त की। वर्तमान में चीन-भारत संबंध स्थिरता के साथ विकसित हो रहे हैं, जो अनौपचारिक भेंट के लिये एक अच्छा आधार तैयार करता है।

चंद्रिमा

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