"धारा 301" बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के सामने चुनौती हैः चीन

2018-04-28 18:33:12

27 अप्रैल को विश्व व्यापार संगठन विवाद निपटान एजेंसी ने अपनी नियमित बैठक बुलाई। चीनी प्रतिनिधि ने यह प्रकट किया कि अमेरिका का "धारा 301" एकतरफावाद नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के लिये एक चुनौती है। चीन ने अन्य सदस्य देशों से इस तरह के एकपक्षवाद और संपक्षणवाद का विरोध करने की अपील की।

वर्ष 1974 में "धारा 301" जारी करने के बाद अब तक कुल 125 "सर्वेक्षण 301" लगाईं। यूरोपीय संघ, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया और ब्राजील जैसे डब्ल्यूटीओ सदस्यों के प्रति बार-बार जांच की गई। इनमें से कुछ सदस्यों को अपनी बाजार अमेरिकी कंपनियों के लिये खुली या तो कुछ देश अमेरिकी प्रतिशोध उपायों के लक्ष्य बन गए।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने 3 अप्रैल को "सर्वेक्षण 301" के परिणामों के आधार पर चीन से आयातित 50 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के उत्पादों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा, जिसमें सूचना और संचार प्रौद्योगिकी, एयरोस्पेस, रोबोटिक्स, दवा और मशीनरी आदि उद्योग शामिल है।

चीन के मुताबिक,अमेरिका के वर्तमान सर्वेक्षण ने बाजार-उन्मुख सुधार, खुलेपन का विस्तार और बौद्धिक संपदा अधिकारों को मजबूत बनाने में चीन द्वारा हासिल प्रगति को खारिज किया। चीन के खिलाफ इसके आरोपों का कोई आधार नहीं है।

चीन ने कहा कि अमेरिकी एकपक्षवाद ने डब्ल्यूटीओ की नींव को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया है। चीन ने डब्ल्यूटीओ सदस्यों से हाथ जोड़कर अमेरिका के सुरक्षावाद का विरोध करने का आग्रह किया।

साथ ही पाकिस्तान और रूस ने भी बैठक में वैश्विक व्यापार प्रणाली पर अमेरिकी दृष्टिकोण के संभावित प्रभाव पर अपनी गंभीर चिंता जताई।

अंजली

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