कैसा होगा चीन और भारत का भविष्य

2018-04-28 20:32:12

27 से 28 अप्रैल तक चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग व भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वूहान के पूर्वी झील हॉटल में अनौपचारिक भेंट की। दोनों की इस भेंट का वातावरण मैत्रीपूर्ण है, आदान-प्रदान गहन व व्यापक रूप से किया जाता है। जिस में चीन-भारत संबंधों के इतिहास, वर्तमान व भविष्य शामिल हुए हैं। दोनों नेताओं द्वारा प्राप्त समहतियों से देखा जाए, तो पता लगा कि उन्होंने दो पक्षों में चर्चा की। एक है एक दूसरे को कैसे देखते हैं?और दूसरे, दोनों विश्व को कैसे देखते हैं?

चीन व भारत विश्व में सब से बड़े विकासशील देश व नवोदित बाजार हैं। इसलिये दोनों को एक दूसरे के विकास पर सही ढंग से देखना चाहिये। राष्ट्रपति शी ने कहा कि अगर हम चीन-भारत संबंधों का विकास करना और स्थिर बनाना चाहते हैं, तो इस का आधार आपसी विश्वास है।

बेशक चीन-भारत संबंधों में जटिलता मौजूद हैं। वास्तव में पड़ोसी देशों के बीच मतभेद एक सामान्य बात ही है। पर ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि हम कैसे सुव्यवस्थित रूप से इस का प्रबंध व समाधान कर सकेंगे। ताकि उसे दोनों देशों के सहयोग पर बुरा असर नहीं पड़ेगा।

वर्तमान में विश्व गहन रूपांतरण में है। ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति शी ने कहा कि विभिन्न देशों के बीच संपर्क व एक दूसरे पर निर्भर दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। शांति व विकास का रुझान कोई नहीं रोक सकेगा। अच्छे चीन-भारत संबंध विश्व स्थिरता की रक्षा करने के महत्वपूर्ण तत्व हैं।

चंद्रिमा

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