चीन-भारत अनौपचारिक शिखर बैठक पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का उच्च मूल्यांकन

2018-04-29 16:32:00

27 से 28 अप्रैल चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अनौपचारिक वार्ता कर व्यापक समानताएं प्राप्त कीं। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने इस शिखर बैठक पर पैनी नज़र रखी और इस का उच्च मूल्यांकन किया ।उनके विचार में चीन और भारत के बीच मित्रवत सहयोग गहराना क्षेत्र और विश्व की शांति ,स्थिरता ,समृद्धि और विकास के लिए बड़ा महत्व रखता है ।

भारत के ऑबजर्वरस फाउनडेशन (मुंबई) के पूर्व अध्यक्ष सुधीन्द्र कुलकर्णी ने बताया कि यह अनौपचारिक शिखर बैठक चीन-भारत संबंधों का नया अध्याय जोड़ेगी और दोनों देशों के नेताओं द्वारा द्विपक्षीय मित्रता के लिए किया गया सौहार्द प्रयास था।इससे हमें भविष्य के प्रति आकांक्षा है।

रूसी मॉस्को स्टेट युनिवर्सिटी के अध्ययनकर्ता बोरिस वोल्कहोनस्की ने बताया कि यह अनौपचारिक शिखर बैठक चीन-भारत संबंधों के विकास में एक मील पत्थर है। चीन और भारत दोनों अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लोकतांत्रिकरण और बहुपक्षीय व्यापार तंत्र का समर्थन करते हैं और विश्व मामले में अधिकाधिक बड़ी भूमिका निभाते हैं ,जो अधिक न्यायपूर्ण विश्व व्यवस्था की स्थापना के लिए लाभादायक होगा।

नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार जौहरी ने बताया कि इस अनौपचारिक शिखर बैठक से दो बड़े देशों के पारस्परिक विश्वास को मजबूती मिलेगी। नेपाल की हार्दिक आशा है कि चीन-भारत संबंध अच्छे हों ,क्योंकि बेहतर चीन-भारत संबंधों नेपाल के विकास के लिए मददगार है।

म्यांमार के विदेश मंत्रालय के नीति विभाग के प्रमुख ने बताया कि चीन और भारत के बीच मित्रवत संबंधों का विकास करना न सिर्फ दोनों देशों के मूल हित ,बल्कि म्यांमार समेत क्षेत्रीय देशों के हितों से मेल खाता है और विश्व शांति, विकास के लिए बड़ा महत्व रखता है।

(वेइतुंग)

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