चीन भारत व्यापार बढ़ने से भारतियों में चीनी भाषा सीखने का उत्साह

2018-05-01 16:03:10

चीन और भारत में बढ़ते व्यापार को देखते हुए भारतीय लोगों में चीनी भाषा सीखने का उत्साह बढ़ रहा है। भारत के बड़े शहरों में रहने वाले लोगों में बड़ी संख्या में युवा चीनी भाषा की तरफ़ आकर्षित हो रहे हैं, इसका मुख्य कारण है दोनों देशों में बढ़ता आपसी व्यापार । चीनी वाणिज्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2017 में चीन भारत में व्यापार अपनी अभूतपूर्व ऊंचाई पर पहुंच गया है ।ये संख्या 84.4 अरब अमेरिकी डॉलर तक जा पहुंची है। जो पिछले वर्ष की तुलना में 20.3 फीसदी अधिक है।

इसके अलावा बहुत सी चीनी कंपनियों ने भारत में निवेश भी किया है, करीब 8 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश चीनी कंपनियों ने भारत में किया है। साथ ही पिछले तीन वर्षों में कई भारतीय कंपनियों ने भी चीन में 18.5 फीसदी की औसत दर से निवेश किया है, जिसके चलते चीन भारत में आपसी व्यापार की संभावनाएं और बढ़ गई हैं। चीन इस समय भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।

इन्हीं बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए भारत में युवा वर्ग चीनी भाषा की तरफ़ आकर्षित हो रहा है। दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के चीनी और दक्षिण-पूर्वी एशिया विभाग के प्रोफेसर बी आर दीपक या दीबो जी की मानें तो इस समय भारत चीन के लिये एक बड़ा बाज़ार है, जिस वजह से आने वाले दिनों में ढेर सारी चीनी कंपनियां भारत आएंगी और इसे देखते हुए हज़ारों की संख्या में लोगों का रुझान चीनी भाषा की तरफ़ बढ़ा है। चीनी भाषा भारत में नौकरियों के नए अवसर पैदा करेगी।

चीनी भाषा संयुक्त राष्ट्र संघ में आधिकारिक भाषा भी है और विश्व भर में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा भी।

वहीं दूसरी तरफ़ दोनों देशों में बढ़ते पर्यटन ने भी भारतीय युवाओं का आकर्षण चीनी भाषा की तरफ़ बढ़ाया है।

ऑब्ज़र्वर रिसर्च फाउंडेशन के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर सुधीन्द्र कुलकर्णी ने कहा है कि चीन के सफल आर्थिक विकास ने भारत में भी इस मॉडल को अपनाने का रुझान पैदा किया है। जल्दी ही दोनों देशों के 100 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापारिक आंकड़ा छूने की संभावना है।

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