अमेरिका इज़रायल के ईरान परमाणु मुद्दे पर रुख़ का समर्थन, ईरान परमाणु समझौते से अलग करने की चेतावनी ईरान ने

2018-05-02 19:03:16

अमेरिका इज़रायल के ईरान परमाणु मुद्दे पर रुख़ और कार्यवाही का समर्थन करता है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने 1 मई को यह बात कही। उस दिन ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के अध्यक्ष अलाएद्दीन बोरौजैर्दी ने कहा कि अगर ईरान पर प्रतिबंध फिर से लगाए जाते हैं, तो ईरान ईरान परमाणु समझौते से अलग होगा।

इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 30 अप्रैल की रात को संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया और प्रदर्शित किया कि इज़रायली खुफ़िया एजेंसी ने ईरानी गुप्त सुविधाओं में कुछ दस्तावेज़ प्राप्त किये हैं। उन्होंने निंदा की कि ईरान ने ईरान परमाणु समझौते के अनुसार परमाणु हथियार योजना नहीं छोड़ी है। ईरान ने जवाब दिया कि बेंजामिन नेतन्याहू के ये शब्द हास्यास्पद हैं। नेतन्याहू का लक्ष्य ईरान परमाणु समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रम्प का तय पर प्रभाव डालना है।

1 मई को व्हाइट हाउस के नियमित संवाददाता सम्मेलन में सारा सैंडर्स ने कहा कि इन दस्तावेज़ों की घोषणा करने के पहले इज़रायल ने अमेरिकी सरकार और ट्रम्प से संपर्क किया। इस बात पर दोनों पक्षों ने चर्चा की।

उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु समझौता “झूठे छद्म” और “गलत तथ्यों” के आधार पर स्थापति हुआ है। ईरान की वास्तविक परमाणु क्षमता प्रकाशित करने की स्थिति की तुलना में और ज्यादा उन्नत और शक्तिशाली है। पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ओबामा प्रशासन को इस समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करना चाहिये।

इस बात पर सीरिया की यात्रा में अलाएद्दीन बोरौजेर्दी ने कहा कि ट्रम्प सरकार ने ईरान परमाणु समझौते का बारबार उल्लंघन किया। इससे यह सिद्ध होता है कि अमेरिकी सरकार “अविश्वसनीय” है और उसके उपाय से परमाणु अप्रसार संधि को नुकसान पहुंचेगा।उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान पर प्रतिबंध फिर से शुरू होगा, तो कोई कारण नहीं है कि ईरान परमाणु समझौते में बना रहेगा। ईरान, ईरान परमाणु समझौते से अलग होगा। ईरान में कुछ दिनों में आवश्यकता के अनुसार समृद्ध यूरेनियम की संख्या की तेज़ी से वृद्धि करने की योग्यता है।(हैया)

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