भारत स्थित चीनी राजदूत ने वुहान अनौपचारिक शिखर बैठक का परिचय दिया

2018-05-05 16:02:10

4 मई को भारत स्थित चीनी दूतावास और इंस्टीट्यूट ऑफ चाइनीज स्टडीज़(आई सी एस) ने नई दिल्ली में संयुक्त रूप से वुहान भेंटवार्ता—चीन भारत संबंध और उसकी भावी दिशा नाम की एक संगोष्ठी आयोजित की ।भारत स्थित चीनी राजदूत लुओ चोहुइ ने इसमें भाग लेकर हाल ही में हुई चीन-भारत अनौपचारिक शिखर बैठक का परिचय दिया ।आईसीएस के प्रमुख और पूर्व चीन स्थित भारतीय राजदूत अशोक कंठ ,भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय कमेटी के सचिव और राज्य सभा के सदस्य दुराईसामी राजा और भारतीय थिंक टैंक और मीडिया के प्रतिनिधियों समेत 60 से ज्यादा व्यक्ति इसमें उपस्थित हुए ।

लुओ चोहुइ ने अपने भाषण में इस अनौपचारिक बैठक को द्विपक्षीय संबंधों में एक मील का पत्थर बताया ।इस बैठक में पाँच मुख्य उपलब्धियां प्राप्त हुईं हैं। पहला, दो नेताओं के बीच मित्रता और केमिकल रिएक्शन बढ़ाया गया ।राष्ट्रपति शी ने बताया कि पाँच साल में उन्होंने पेइचिंग के बाहर सिर्फ दो बार विदेशी नेताओं का सत्कार किया ।ये दोनों बार मोदी के लिए है ।मोदी इससे प्रभावित थे ।दूसरा ,पारस्परिक विश्वास और सहयोग बढ़ाया गया ।मोदी ने अंग्रेजी शब्द स्ट्रेंथ से सहयोग के मुख्य क्षेत्र स्पष्ट किया ,यानी एस फॉर स्पीरिचुअलिटी, टी फॉर ट्रेडिशन ,ट्रेड एंड टेकनॉलॉजी ,आर फॉर रिलेशिनशप ,ई फॉर एंटरटेंमेंट ,एन फॉर नेचर कंसर्वशन ,जी फॉर गेम्स ,टी फॉर टुयरिज्म ,एच फॉर हेल्थ ।तीसरा ,दोनों देशों की विकास-रणनीति को गहराई से जोड़ा जाएगा ।चौथा ,अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मामलों में सहयोग मजबूत बनाया जाए ।पांचवां ,मित्रवत सलाह मशविरे से मतभेद को नियंत्रित किया जाएगा ।

लुओ ने बताया कि चीन इस समय भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है ।गतवर्ष चीन-भारत व्यापार 84 अरब 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर का था ।800 से अधिक चीनी उद्यमों ने भारत में पूंजी लगायी है और भारत में एक लाख से अधिक रोजगार पैदा किये ।उधर बॉलिवुड फिल्में देखना ,दार्जिलिंग चाय पीना ,योगाभ्यास करना बड़े स्तर पर चीनी युवाओं का फैशन बन चुका है ।

कैलेंडर

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी