वांग यी ने ब्रिटिश विदेश मंत्री जॉनसन से मुलाकात की

2018-05-22 17:03:04

स्थानीय समय के अनुसार 21 मई को चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने ब्यूनस आयर्स में जी-20 विदेश मंत्री सम्मेलन में भाग लेने के दौरान ब्रिटिश विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन से मुलाकात की।

वांग यी ने कहा कि चीन और ब्रिटेन दोनों देश दुनिया के बड़े देश और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य हैं। अनिश्चित अंतरराष्ट्रीय स्थिति के सामने चीन और ब्रिटेन को सामरिक संचार को बढाना और सामरिक सहयोग को मजबूत करना चाहिये। इसीलिये वे चीन-ब्रिटेन संबंध के “स्वर्ण युग” में नये गुणार्थ निरंतर से डाल सकेंगे। उम्मीद है कि चीन और ब्रिटेन “एक पट्टी एक मार्ग” प्रस्ताव का संयुक्त निर्माण को आगे सक्रिय रूप से बढ़ाएंगे।

बोरिस जॉनसन ने कहा कि ब्रिटेन-चीन संबंध काफी महत्वपूर्ण है। ब्रिटेन चीन के साथ संपर्क को आगे मजबूत करना चाहता है। साथ ही ब्रिटेन दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय समन्वय और सहयोग को आगे बढ़ाना चाहता है। “एक पट्टी एक मार्ग” प्रस्ताव मौजूदा दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण सहयोग प्रस्ताव है। ब्रिटेन इस प्रस्ताव में भाग लेना चाहता है। इसके अलावा ब्रिटेन “एक पट्टी एक मार्ग” प्रस्ताव का संयुक्त निर्माण करने को चीन-ब्रिटेन संबंध के “स्वर्ण युग” के हिस्सा के रूप में मनाया जाता है।

दोनों पक्षों ने ईरान परमाणु मुद्दे पर विचार-विमर्श किया। बोरिस जॉनसन ने कहा कि ईरान परमाणु मुद्दे पर व्यापक समझौता छोडना एक आपदा होगा। संबंधित पक्षों को ईरान परमाणु मुद्दे पर व्यापक समझौता की “जीवन” की रक्षा करनी चाहिये। वांग यी ने इस बात पर चीन की सिद्धांत और रुख की फिर से अपील की। उन्होंने कहा कि चीन ब्रिटेन समेत संबंधित पक्षों से ईरान परमाणु मुद्दे पर घनिष्ठ संचार बनाए रखना चाहता है।

दोनों पक्षों ने कोरियाई प्रायद्वीप परमाणु मुद्दे पर विचार-विमर्श किया। वांग यी ने अपील की कि कोरियाई प्रायद्वीप परमाणु मुद्दे को 20 से अधिक सालों के लिये लंबा खींचा गया है। इस दौरान कोरियाई प्रायद्वीप परमाणु मुद्दे की प्रक्रिया में बार-बार पुनरावृत्तियां हुई। हमें इतिहास को दोहराना नहीं चाहिये। चीन इस बात का हमेशा ही समर्थन करता है कि उत्तर कोरिया और अमेरिका को कोरियाई प्रायद्वीप परमाणु मुद्दे को लचीले से हल करना चाहिये। दोनों पक्षों को हस्तक्षेप हटाना और आपसी विश्वास को मजबूत करना चाहिये। साथ ही उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच शिखर सम्मेलन को समय पर आयोजित करना चाहिये। इसीलिये वे वार्ता व परामर्श के जरिये अपनी चिंतित बातों का समाधान कर सकेंगे।

(हैया)

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