चीन और भारत को एक साथ सहयोग करना चाहिए – अर्थशास्त्री

2018-05-26 15:02:04

भारत और चीन तेज़ी से उभरती हुई दो आर्थिक ताकतें हैं जिन्हें एक दूसरे के साथ आपस में सहयोग करते रहना चाहिए। ये कथन एक भारतीय अर्थशास्त्री के हैं, ये कथन इस समय इसलिये भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि अगले सप्ताह ही चीन के छिंगदाओ में शांगहाई सहयोग संगठन की बैठक होने वाली है।

दिल्ली के आईआईटी में वरिष्ठ अर्थशास्त्री वी उपाध्याय का कहना है कि पहले ही चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है बावजूद इसके बहुत सी संभावनाएं मौजूद हैं।

उपाध्याय ने पश्चिमी देशों द्वारा चीन को उन्नत अर्थव्यवस्था पर कहा कि अगर प्रति व्यक्ति आय को आधार बनाकर देखा जाए तो चीन अभी उन्नत राष्ट्र नहीं बना है बल्कि विकासशील देश की श्रेणी में है। जहां पर प्रति व्यक्ति आय पश्चिमी देशों की तुलना में बहुत कम है।

वहीं दिल्ली की भगिनी निवेदिता कॉलेज की वरिष्ठ अर्थशात्र प्राध्यापक स्वाति यादव का कहना है कि पश्चिमी विश्व चीन से उन्नत राष्ट्र वाली जिम्मेदारी निभाने की आस रखता है लेकिन चीन अभी उभरती हुई अर्थव्यवस्था है, प्रगति के साथ जिम्मेदारी भी आती है, खासकर पर्यावरण परिवर्तन के क्षेत्र में, लेकिन चीन का पूर्वी तटवर्ती इलाका जहां साधन संपन्न है वहीं पश्चिमी इलाका बहुत पिछड़ा और गरीब है।

स्वाति ने आगे कहा कि चीन और भारत को मिलकर एक साझा मंच तैयार करना चाहिए और इसका इस्तेमाल अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से सौदों में मोलभाव के दौरान करना चाहिए।

पंकज श्रीवास्तव

कैलेंडर

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी