चीन-अमेरिका द्वारा वाशिंग्टन सहमति का कार्यान्वयन करने की कूंजीभूत बात है एक दिशा में जाना

2018-06-03 16:08:08

2 से 3 जून तक चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय पोलित ब्यूरो के सदस्य और चीनी उप प्रधानमंत्री ल्यू ह ने चीनी प्रतिनिधि मंडल को लेकर अमेरिकी वाणिज्य मंत्री रोस के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल ने पेइचिंग में द्विपक्षीय आर्थिक व व्यापारिक समस्याओं पर वार्ता की। चीन द्वारा जारी वक्तव्य के मुताबिक दोनों ने वाशिंग्टन सहमति का कार्यान्वयन करने और अनेक क्षेत्रों के संपर्क करने में सक्रिय व ठोस प्रगतियां प्राप्त कीं। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री रोस ने कहा कि अभी तक चीन के साथ वार्ता मैत्रीपूर्ण और निष्कपट है। वार्ता में कुछ निर्यातित मालों की किस्में शामिल हैं।

जारी किये गये वक्तव्य के अनुसार इस बार वार्ता का केंद्र कृषि और ऊर्जा क्षेत्र हैं। इस संदर्भ में प्राप्त सक्रिय प्रगतियां दोनों पक्षों के हितों से मेल खाती हैं। आज चीन में विश्व में सबसे बड़े मध्यम आय वाला समूह पैदा हुआ है। समाज में प्रमुख अंतर्विरोध जनता के दिन ब दिन बढ़ने वाले सुन्दर जीवन की मांग और असंतुलित और अपूर्ण विकास के बीच अंतर्विरोध बन चुका है। चीन द्वारा अमेरिका से श्रेष्ठ कृषि उत्पादकों और गैस आदि स्वच्छ ऊर्जा को आयातित करना सुन्दर जीवन के प्रति जनता की मांग को पूरा करेगा और अर्थतंत्र के उच्च गुणवत्ता वाले विकास को भी बढ़ावा दे सकेगा।

लेकिन साथ ही चीन के वक्तव्य में यह भी कहा गया कि चीन और अमेरिका के बीच संपन्न उपलब्धियां दोनों के व्यापारिक लड़ाई न लड़ने और एक दिशा में जाने की पूर्वशर्त पर आधारित हैं। यदि अमेरिका टैरिफ लगाने समेत व्यापारिक प्रतिबंध लगाने के कदम उठाता, तो दोनों की वार्ता में संपन्न सभी उपलब्धियां कारगर नहीं होंगी। यह चीन का रुख और लाल लाईन है, साथ ही चीन-अमेरिका वाशिंग्टन वार्ता की सहमति के कार्यान्वयन की गारंटी देने की कुंजीभूत बात भी है। चीन ने इसलिए यह रुख जताया कि कुछ दिनों पहले अमेरिका ने अचानक घोषणा की कि अमेरिका 15 जून से पहले चीन के करीब 50 अरब अमेरिकी डॉलर उत्पादकों पर 25 प्रतिशत के टैरिफ लगाएगा। लेकिन इस बार रोस समयपूर्व पेइचिंग पहुंचे, जिससे जाहिर है कि अमेरिका वार्ता करने का बड़ा इच्छुक है। यह इस बात का द्योतक है कि वार्ता करते समय व्यापारिक लड़ाई लड़ना चीन-अमेरिका आर्थिक व व्यापारिक वार्ता की सामान्य स्थिति बन चुका है।

अमेरिकी वाणिज्य मंत्री रोस ने कहा कि इस बार की वार्ता मैत्रीपूर्ण और निष्कपट है। लेकिन अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल वार्ता की उपलब्धियों को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को बताएगा। बाद में क्या होगा, सब नहीं जानते हैं। फिर भी चीन ने विभिन्न स्थितियों का निपटारा करने की तैयारी की है।

वाशिंग्टन सहमति के मुताबिक आगे चीन और अमेरिका निर्माण उद्योग, उच्च विज्ञान व तकनीक उत्पादों और सेवा उद्योग के उत्पादों आदि क्षेत्रों की सहयोग समस्याओं पर विचार विमर्श करेंगे।

(श्याओयांग)

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