चीन और भारतीय विदेश मंत्रियों के बीच वार्ता

2018-06-05 16:38:05

4 जून को चीनी स्टेट काउंसलर और विदेश मंत्री वांग यी ने दक्षिण अफ्रीका में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक भेंटवार्ता में भाग लेते समय भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की।

मुलाकात में वांग यी ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी के इस साल के अप्रैल माह में चीन के वूहान में आयोजित अनौपचारिक भेंटवार्ता सफल रही, जिसका गहरा प्रभाव पड़ा। दोनों नेताओं के बीच स्थापित विश्वास और मैत्री ने चीन और भारत के विभिन्न तबकों के बीच आपसी समझ को प्रगाढ़ करने और विभिन्न क्षेत्रों के आदान-प्रदान व सहयोग को गहराने में मदद की है।

वांग यी ने कहा कि चीन और भारत का व्यापक समान हित है, दोनों के बीच सहमतियां मतभेदों से बड़ी हैं। चीन और भारत हाथ मिलकर सहयोग करने से दोनों के समान विकास को तेज़ कर सकेगा, जो सारी दुनिया के लिए लाभदायक होगा। इसलिए दोनों पक्षों को द्विपक्षीय संबंध और जनता के बुनियादी हितों से प्रस्थान होकर समस्याओं और मतभेदों को द्विपक्षीय संबंधों के उचित स्थान में रखकर अच्छी तरह निपटारा करना चाहिए। दोनों को सीमांत क्षेत्र की शांति व सुरक्षा की यथार्थ रक्षा करनी चाहिए। चीन और भारत को समनव्य मजबूत कर ब्रिक्स देशों के सहयोग और एससीओ आदि बहुपक्षीय प्रणाली को आगे विकसित करने में रचनात्मक भूमिका अदा करनी चाहिए।

मुलाकात में स्वराज ने कहा कि भारत चीन के साथ वूहान भेंटवार्ता की सहमति का कार्यान्वयन करना चाहता है। यह अनिवार्य है कि भारत और चीन के बीच मतभेद मौजूद हैं, फिर भी यदि दोनों पक्ष वार्तालाप और सलाह मश्विरे पर कायम रहते हैं, तो अवश्य ही हल निकाला जा सकेगा। भारत चीन द्वारा भारतीय यात्रियों के तिब्बत की तीर्थयात्रा करने और जलविद्युत डेटा प्रदान करने की सराहना करता है। भारत एक चीन की नीति पर कायम रहेगा और थाईवान व तिब्बत संबंधी चीनी समस्याओं का अच्छी तरह निपटारा करेगा। भविष्य में दोनों देशों को बहुपक्षीय प्रणाली में समनव्य व सहयोग को और मजबूत करके विकासशील देशों के समान हितों की रक्षा करने को योगदान देना चाहिए।

(श्याओयांग)

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