एससीओ भारत-चीन सहयोग के लिए एक अच्छा मंच हैःभारतीय विशेषज्ञ

2018-06-08 15:05:02

भारत के जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय के चीन और दक्षिण एशिया अनुसंधान केंद्र के प्रोफेसर बी आर दीपक ने हाल ही में चाइना न्यूज एजेंसी को दिये एक इंटरव्यू में कहा कि शांगहाई सहयोग संगठन भारत-चीन सहयोग के लिए एक अच्छा मंच है, जो शांगहाई भावना का प्रचार करने का बड़ा महत्व रखता है।

एससीओ की 18वीं शिखर बैठक 9 से 10 जून को चीन के शानतुंग प्रांत के छिंगताओ शहर में आयोजित होगी, जो एससीओ के विस्तार के बाद पहली शिखर बैठक होगी।

दीपक ने कहा कि एससीओ क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग का समग्र स्तर उन्नत करने पर केंद्रित है। इस ढांचे के तहत भारत और चीन के सहयोग की बड़ी संभावना है। उदाहरण के लिए भारत को ऊर्जा क्षेत्र में चीन और मध्य एशिया के विभिन्न देशों के साथ सहयोग करने की जरूरत है।

दोनों देशों की रणनीतियों की चर्चा में दीपक ने कहा कि भारत और चीन की अपनी अपनी विकास रणनीति है, जिनके कुछ क्षेत्र एक ही हैं। अगर दोनों देशों की विकास रणनीति को जोड़ा जाए, तो क्षेत्र यहां तक कि पूरे विश्व के आर्थिक विकास पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने बल देते हुए कहा कि कई आर्थिक क्षेत्रों में चीन और भारत एक दूसरे के पूरक हैं। सुधार और खुलेपन के 40 वर्षों में चीन ने विकास अनुभव, तकनीक और पूंजी इकट्ठा की है। अगर भारत इससे सीख सके, तो अपने विकास के लिए लाभदायक होगा। इसके अलावा दोनों देशों के बाजार का पैमाना बड़ा है, अगर सहयोग गहराया जाए, तो दोनों पक्षों का व्यापार और सांस्कृतिक आवाजाही बड़े पैमाने तौर पर उन्नत होगी। शांगहाई सहयोग संगठन ऐसे सहयोग के लिए बढ़िया मंच प्रदान करेगा।

एससीओ के भावी विकास पर दीपक काफी आशावादी हैं। उन्होंने कहा कि अगर एससीओ के विभिन्न सदस्य देशों ने शांगहाई भावना रोजमर्रे के काम में लागू की ,तो एशियाई-यूरोपीय महाद्वीप के दूरगामी विकास के लिए ठोस आधार डाला जाएगा।

(वेइतुंग)

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