जी-7 शिखर सम्मेलन सम्पन्न, जी-7 में आंतरिक मतभेद को आगे बढ़ाया

2018-06-10 17:02:09

2 दिनों का वार्षिक जी-7 शिखर सम्मेलन 9 जून को सम्पन्न हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने व्यापार मुद्दे पर कड़े शब्दों का प्रयोग किया। जी-7 में आंतरिक मतभेद खुलर सामने आने लगे हैं।

जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद संयुक्त बुलेटिन प्रकाशित हुआ। इस संयुक्त बुलेटिन में समावेशी आर्थिक विकास, लिंग समानता, महिलाओं का सशक्तिकरण, विश्व शांति, स्थिरता, भविष्य में नौकरी के अवसर, जलवायु परिवर्तन और सागरीय मुद्दे जैसे विषय शामिल हैं।

इस शिखर सम्मेलन के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो ने कहा कि इस बार का शिखर सम्मेलन सफल है। जी-7 सदस्य देशों के नेताओं ने संयुक्त बुलेटिन जारी करने पर आम सहमति बनाई। लेकिन व्यापार मुद्दे पर ट्रम्प ने कड़े शब्दों का प्रयोग किया। व्यापार मुद्दे पर जी-7 ज्यादा कार्य आगे करने की ज़रूरत है।

ट्रुडो ने आगे कहा कि जी-7 में से 5 सदस्य देशों ने पर्यावरण और महासागर की रक्षा करने वाला समझौता बनाने पर सहमति बनाई। लेकिन अमेरिका और जापान ने इस समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किया। क्योंकि ये दोनों देश प्लास्टिक कम करने पर दृढ़ प्रतिबद्धता चाहते नहीं हैं।

9 जून के सुबह ट्रम्प समय से पहले ही यह शिखर सम्मेलन छोड़कर सिंगापुर के लिये रवाना हुए। हवाई अड्डे पर ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने जी-7 के अन्य सदस्य देशों के नेताओं से मुलाकात की और “निष्पक्ष और परस्पर लाभकारी” व्यापार की जरूरत और ईरान खतरे के सामने कदमों पर चर्चा की। उन्होंने टैरिफ़, व्यापार बाधाओं और भत्तों के रद्दीकरण की अपील की। उन्होंने कहा कि अनुचित व्यापार प्रथाओं को रोकने के लिये अमेरिका सभी जरूरी कदम उठाएगा। इसके अलावा उन्होंने चेतावनी दी कि संबंधित देशों को अमेरिका के टैरिफ बढ़ाने का बदला नहीं लेना चाहिए।

लेकिन बाद में सिंगापुर जाते समय उन्होंने ट्विटर पर पोस्ट किया कि क्योंकि संवाददाता सम्मेलन में ट्रुडो ने गलती से बताया और कनाडा ने अमेरिकी किसानों, कार्यकर्ताओं, उद्यमों पर बड़ी संख्या में टैरिफ लागू किया है, इसलिये ट्रम्प ने अमेरिकी प्रतिनिधि को जी-7 शिखर सम्मेलन के संयुक्त बुलेटिन का समर्थन नहीं करने का आदेश दिया।(हैया)

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