एससीओ शिखर सम्मेलन संपन्न

2018-06-10 21:03:09

रविवार को शांगहाई सहयोग संगठन का 18वां शिखर सम्मेलन पूर्वी चीन के शांतोंग प्रांत के छिंगताओ शहर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस संगठन के पक्षों ने शिखर सम्मेलन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चाएं कीं, जिनमें आतंकवाद से मुकाबला, अलगाववाद और अतिवाद से लेकर संपर्क में सहयोग को बढ़ावा देना, वाणिज्य, सीमा शुल्क, विधि, स्वास्थ्य और कृषि, पर्यावरण संरक्षण, आपदा जाखिम कम करना और लोगों के बीच संबंध को मजबूती प्रदान करना शामिल है।

2001 में स्थापित एससीओ में वर्तमान में आठ सदस्य हैं जिनमें भारत, कजाखिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। भारत और पाकिस्तान को पिछले वर्ष एससीओ में शामिल किया गया था। शांगहाई सहयोग संगठन की स्थापना के बाद पिछले 17 वर्षों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं। विभिन्न सदस्य देशों ने “शांगहाई सहयोग संगठन चार्टर” और “शांगहाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के दीर्घकालीन पड़ोसी जैसे मित्रवत सहयोग संधि” का पालन करते हुए निर्गुट, गैर-प्रतिरोध और तीसरे पक्ष का विरोध न करने वाला रचनात्मक साझेदार संबंध स्थापित किया।

एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और अन्य सदस्य देशों के राजप्रमुखों ने छिंगताओ घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर करके इसे जारी किया, साथ ही सुरक्षा, अर्थतंत्र और मानविकी जैसे क्षेत्रों से जुड़े 10 से अधिक सहयोगी दस्तावेज़ों की पुष्टि भी की।

इस बीच मैंने चीन में भारतीय राजदूत गौतम बंबावाले जी से इंटरव्यू किया और उनसे आज के शिखर सम्मेलन के आयोजन के बारे में, और एससीओ में भारत के औपचारिक रूप से शामिल होने पर उनकी राय जानी। उन्होंने कहा कि पिछले साल अस्ताना में भारत पूर्ण सदस्य बना, और काफी फलदायी उपलब्धियां हासिल हुईं।

उन्होंने आज के शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के भाषण के बारे में कहा कि चीन इस बार के एससीओ सम्मेलन का अध्यक्ष देश है, और राष्ट्रपति शी बेहद अहम भूमिका निभा रहे हैं। भविष्य में वे विकास की दिशा दिखाएंगे।

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