अमेरिका के यूएन मानवाधिकार परिषद से हटने पर खेद : यूएन अधिकारी

2018-06-20 15:33:01

ट्रम्प सरकार ने 19 जून को अमेरिका के संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से हटाने का एलान किया। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार मामला संस्था के जिम्मेदार व्यक्ति ने अमेरिका के इस फैसले पर खेद जताया।

यूएन मानवाधिकार मामला के उच्च स्तरीय अधिकारी ज़ेद राद जेद अल-हुसैन ने कहा कि उन्हें अमेरिका के इस कदम पर हैरानी नहीं है, लेकिन बेहद निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में मानवाधिकार की स्थिति के मद्देनज़र अमेरिका को आगे बढ़ना चाहिए, न कि पीछे हटना।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के अध्यक्ष वोजिस्लाव सुक ने बयान जारी कर यूएन मानवाधिकार परिषद के महत्व पर जोर दिया और कहा कि यूएन मानवाधिकार परिषद की स्थापना के बाद से लेकर अब तक पिछले 12 सालों में अपरिहार्य भूमिका निभाई है।

जिनेवा में स्थित यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि मंडल ने बयान जारी कर अमेरिका के इस कदम को लेकर खेद व्यक्त किया और दोहराया कि यूरोपीय संघ यूएन मानवाधिकार परिषद के उच्च कारगर प्रचालन का समर्थन करेगा और साथ ही साथ बहुपक्षवाद और दूसरे संयुक्त राष्ट्र संस्थाओं का लगातार दृढ़ समर्थन करता रहेगा।

गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र स्थित अमेरिका की प्रतिनिधि निक्की हेली ने 19 जून को वाशिंगटन में अमेरिका के संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से हटने का एलान किया। उन्होंने कहा कि यूएन मानवाधिकार परिषद इजराइल के प्रति पक्षपात करती है और वह मानवाधिकार का कारगर संरक्षण करने में असक्षम है।

जानकारी के अनुसार मार्च 2006 में 60वीं संयुक्त महासभा ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद स्थापित करने के निर्णय की पुष्टि की, जिसमें 47 सदस्य शामिल हैं और मुख्यालय जिनेवा में स्थित है।

(श्याओ थांग)

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