चीन की यात्रा पर हैं अमेरिकी रक्षा मंत्री

2018-06-27 16:31:59

26 जून को अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैट्टिस ने चीन की यात्रा शुरू की। चीनी नेता उनसे मिलेंगे। दोनों पक्ष दोनों देशों की सेनाओं के संबंध और समान रुचि वाले सवालों पर विचार विमर्श करेंगे। विशेषज्ञ के मुताबिक हालिया चीन-अमेरिका सैन्य संबंध में कुप्रभाव तत्व बढ़ते रहते हैं, लेकिन आम तौर पर स्थिति स्थिर रही है। संपर्क और वार्तालाप करना और संकट पर नियंत्रण करना चीन और अमेरिका दोनों देशों की सेनाओं की उच्च स्तरीय भेंटवार्ता का समान मकसद है।

चीनी स्टेट कांसुलर और रक्षा मंत्री वेई फंगहो के निमंत्रण पर अमेरिकी रक्षा मंत्री मैट्टिस 26 से 28 जून तक चीन की यात्रा पर हैं। रक्षा मंत्री का पद संभालने के बाद यह उनकी पहली चीन यात्रा है।

इधर के सालों में चीन-अमेरिका सैन्य संबंध आम तौर पर स्थिर रहे हैं, लेकिन इस साल से दोनों के सैन्य संबंधों में अस्थिर तत्व बढ़ रहा है।गत वर्ष के अंत से इस साल की शुरूआत में अमेरिका ने क्रमशः तीन रिपोर्टें जारी कर चीन को पहला सामरिक प्रतिद्विंदी माना। अमेरिका ने चीन को रिम ऑफ़ द पेसिफ़िक संयुक्त सैन्याभ्यास में आमंत्रित नहीं किया। इस साल के जून माह में अमेरिकी रक्षा मंत्री मैट्टिस ने शांगरी-ला वार्ता में दक्षिण चीन सागर और थाईवान मामलों पर चीन की आलोचना की। इसे लेकर चीनी रक्षा व सुरक्षा क्षेत्र के विद्वान चोप निराशा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बड़े देशों का संबंध एक जटिल संबंध ही है। अमेरिका चीन के साथ रचनात्मक संबंध की स्थापना करना भी चाहता है। वर्तमान यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने अपने दिलचस्प वाले मामलों पर विचार विमर्श करेंगे। हालांकि दक्षिण चीन सागर समस्या पर अमेरिका और चीन ने एक दूसरे की आलोचना की। फिर भी यह एक संपर्क का अच्छा मौका है। दोनों पक्ष अपने रवैये पर प्रकाश डालकर एक दूसरे की समझ को मजबूत कर सकते हैं।

इस से पहले चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रन क्वोछ्यांग ने कहा कि चीन अमेरिका के साथ सैन्य संबंध को बड़ा महत्व देता है। आशा है कि अमेरिका चीन के साथ मिलकर द्विपक्षीय सैन्य संबंध और द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर बनाने की कोशिश करेगा।

(श्याओयांग)

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