अमेरिकी ट्रेड वॉर से पूरे विश्व में क्रोध

2018-07-07 17:32:01

अमेरिका ने 6 जुलाई को चीन से आयातित 34 अरब अमेरिकी डॉलर वाली वस्तुओं पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ़ लगाकर मानव के इतिहास में सबसे बड़ा ट्रेड वॉर छेड़ा, जिससे पूरे विश्व में क्रोध पैदा हुआ। कई देशों के विशेषज्ञों, अधिकारियों और मीडिया ने ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीति की आलोचना की और उसके परिणाम पर चिंता व्यक्त की। उनका समान विचार है कि ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट नीति सफल नहीं होगी।

स्पेन के चीनी नीति पर्यवेक्षण केंद्र के निदेशक शुलियो रिओस ने चाइना मीडिया ग्रुप के साथ हुए विशेष साक्षात्मकार में कहा कि अमेरिकी ट्रेड वॉर का अंतिम लक्ष्य अपने हितों का विस्तार कर विश्व में प्रभुत्व का स्थान बनाए रखना है ताकि चीन के पुनरुत्थान का निपटारा किया जाए। उन्होंने बल देते हुए कहा कि इस ट्रेड वॉर का असर वर्ष 2008 विश्व वित्तीय संकट की तुलना किया जा सकेगा। पूरा विश्व इससे बहुत चिंतित है।

बेल्जियम के निचली सदन के अध्यक्ष सेग्फ्रैंड ब्रेके ने चाइना मीडिया ग्रुप को बताया कि अतिरिक्त टैरिफ लगाने की कार्रवाई मुक्त व्यापार नियम के विरुद्ध है। मध्यम और दूरगामी दृष्टि से देखा जाए तो ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट नीति सफल नहीं होगी।

ब्रिटिश अख़बार फाइनेंश्ल टाइम्स ने ब्रिटिश केंद्रीय बैंक के महानिदेशक का हवाला देते हुए कहा कि एक समग्र व्यापार युद्ध शायद स्पष्ट रूप से विश्व आर्थिक वृद्धि को बाधित करेगा।

विश्लेषकों के विचार में आज का अमेरिका, चाहे उसकी मज़बूत मुद्रा हो या हाई टेक व्यावसाय चेन, उसके पीछे चीन का विशाल उपभोग बाज़ार और श्रमिक शक्ति संसाधन हैं। अगर ट्रेड वॉर जारी रहा, तो अमेरिका खुद को भी नष्ट करेगा। अमेरिका फर्स्ट नीति से अमेरिका विश्व भर में अकेला पड़ जाएगा।

(वेइतुंग)

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी