भारत के कमांडेट राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय में चीनी राजदूत ने भाषण दिया

2018-07-13 17:32:12

भारत स्थित चीनी राजदूत लो चाओ ह्वेई ने 12 जुलाई को भारत के कमांडेट राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय में भाषण दिया और इस कॉलेज के अध्यापकों व छात्रों के साथ चीन-भारत संबंधों, चीन के विकास व राजनयिक नीतियों पर विचारों का आदान प्रदान किया। कॉलेज के कुलपत्ति वाइस एडमिरल श्रीकांत आदि ने सेमिनार में भाग लिया।

चीनी राजदूत ने अपने भाषण में कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल में चीन के वूहान शहर में अनौपचारिक वार्ता की और द्विपक्षीय संबंधों का मार्गनिर्देशन किया। जिससे दोनों देशों व सेनाओं के बीच आदान प्रदान पर जोर दिया गया है। गत वर्ष दोनों पक्षों के समान प्रयासों से डोकलाम क्षेत्र में हुई प्रतिद्वंद्विता का शांतिपूर्ण समाधान किया गया। चीन और भारत दोनों आर्थिक विकास करने और रुपांतर करने के कुंजीभूत काल में गुजर रहे हैं। दोनों को सही बाह्य वातावरण चाहिये। जब विश्व में व्यापारिक संरक्षणवाद का रूझान उभरते जा रहा है, तब चीन और भारत को अपने स्थान पर तालमेल बिठाने की जरूरत है।

अमेरिका द्वारा छेड़े गये व्यापार मुठभेड़ के बारे में चीनी राजदूत ने कहा कि अमेरिका ने चीनी मालों के प्रति अधिक कर वसुलने से विश्व व्यापार संगठन के नियमों का उल्लंघन किया है। और बहुराष्ट्रीय कारोबारों व आम उपभोक्ताओं के हितों पर भी प्रहार किया है। चीन को विवश होकर जवाबी कदम उठाना पड़ता है। विभिन्न देशों को नियम से आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था की रक्षा करने में सहयोग करना चाहिये।

चीनी राजदूत ने चीन और दक्षिण एशिया के बीच सहयोग, चीन-पाक संबंध, चीन-भारत सीमा के समाधान तथा पारस्परिक सहयोग को मजबूत करने के सवालों पर छात्रों के प्रश्नों का उत्तर दिया।

वाइस एडमिरल श्रीकांत ने कहा कि परिवर्तन होती रही अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली में चीन और भारत को पारंपरिक मैत्री पर ध्यान रखने, रणनीतिक विश्वास पर जोर लगाने और व्यवहारिक सहयोग को बढ़ावा देने की जरूरत है। ताकि संयुक्त रूप से अंतर्राष्ट्रीय व क्षेत्रीय सवालों व चुनौतियों का सामना कर सकें।

( हूमिन )

 

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