एक पट्टी एक मार्ग के तहत चीन अफ्रीका सहयोग स्थिरता से आगे बढ़ रहा है

2018-07-24 17:02:01

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग दक्षिण अफ्रीका की यात्रा कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने सेनेगल और रवांडा की यात्रा की थी और स्वदेश लौटने के समय मॉरिशस की यात्रा भी करेंगे। इन देशों में एक उल्लेखनीय विशेषता ये है कि वे सब एक पट्टी एक मार्ग निर्माण में सक्रियाता के साथ भाग ले रहे हैं और कुछ उपलब्धियां भी मिली हैं।

चीन और अफ्रीकी देशों की राष्ट्रीय स्थिति और विकास का स्तर अलग अलग है, लेकिन विकास और समृद्धि के अनुसरण में चीन और अफ्रीका की समान इच्छाएं हैं। एक पट्टी एक मार्ग प्रस्तुत करने के बाद कई अफ्रीकी देशों को इसमें भाग लेने की तीव्र चाहत है। सेनेगल के राष्ट्रपति मैकी साल और रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कगामे ने कई बार बोला था कि वे एक पट्टी एक मार्ग का समर्थन करते हैं और पारस्परिक संपर्क निर्माण में भाग लेने को तैयार हैं।

आंतरिक और बाहरी पर्यावरण का बदलाव अफ्रीकी देशों की एक पट्टी एक मार्ग में भाग लेने का मुख्य कारण है। पहला, अमेरिका और यूरोप अफ्रीका में रणनीतिक रूप से सिकुड़ रहा है। खासकर डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका अफ्रीका को कम महत्व दे रहा है ।शरणार्थी और आतंकवाद मुद्दे से यूरोप की नीति अधिकतर अंर्तमुखी हो रही है ।इस तरह अफ्रीकी देश पूर्व की ओर देख रहे हैं ।दूसरा ,आर्थिक परिवर्तन में अफ्रीका बड़े दबाव का सामना कर रहा है और चीन के प्रति उनकी आकांक्षा बढ़ रही है ।तीसरा ,एक पट्टी एक मार्ग से अफ्रीकी औद्यीकीकरण को प्रेरणा मिलेगी।

अफ्रीका अब एक पट्टी एक मार्ग निर्माण का एक महत्वपूर्ण अंग बन रहा है। कई साल की कोशिशों से अब प्रारंभिक उपलब्धियां भी हासिल की गयी हैं। उदाहरण के लिए इथियोपिया और जिबूती को जोड़ने वाली रेलसेवा और केन्या में नेरोबी और मोंबासा जोड़ने वाली रेलसेवा का संचालन शुरु हुआ है।

कहा जा सकता है कि एक पट्टी एक मार्ग के तहत अधिक सहयोगी परियोजाओं को लागू करने से चीन और अफ्रीका की किस्मत अधिक घनिष्ठ रूप से जुड़ेंगी।

(वेइतुंग)

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