शालू मठ तिब्बत-हान जातियों की वास्तुकाल शैलियों को मिलाने का फल है

2018-07-25 16:33:02

शालू मठ चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के शिगाज़े शहर में स्थित है। वर्ष 1087 शालू मठ की स्थापना शुरू हुई। यह मठ तिब्बती बौद्ध धर्म के शालू संप्रदाय का उत्पत्ति स्थान और मौलिक अनुष्ठान स्थान है। शालू मठ का परिसर 1500 वर्ग मीटर जमीन घेरता है। यह मठ विशेष वास्तुकला शैली से पूरे तिब्बत में प्रसिद्ध है। तिब्बत और हान जाति की दोनों विभिन्न वास्तुकाल शैलियों को उत्तम तरह से एकीकृत किया गया। इससे तिब्बत और हान दोनों जातियों के जनताओं के बीच भाईचारे की दोस्ती पूरे रूप से प्रदर्शित की गयी है।छोटा होने के बावजूद शालू मठ में ज्यादा सुंदर मूर्ति और भित्तिचित्र रहते हैं। ये भित्तिचित्र देखने के जरिये लोग नेपाल और भारत की कलात्मक शैली का आनंद कर सकते हैं। शालू मठ में रहते वाले भित्तिचित्र न केवल तिब्बती बौद्ध कला का अध्ययन करने के लिये काफी महत्वपूर्ण है, बल्कि तिब्बती क्षेत्र और चीनी केंद्रीय मैदान, नेपाल व भारत के बीच बौद्ध संस्कृति पर आदान-प्रदान का अध्ययन करने के लिये बहुत महत्वपूर्ण और उपयोगी है।(हैया)

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