टिप्पणी :ट्रंप को अमेरिकी किसानों को भत्ता देना पड़ा

2018-07-25 19:32:03

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 24 जुलाई को कहा कि वे 12 अरब अमेरिकी डॉलर कृषि भत्ता देंगे ताकि अमेरिकी किसानों को अमेरिका और चीन, ईयू और अन्य देशों के बीच चल रहे व्यापार युद्ध में मदद मिले।

इससे पहले अमेरिका ने अनेक व्यापारी साथियों पर यही आरोप लगाया था कि वे निर्यात के लिए सरकारी भत्ता देते हैं। अब व्हाईट हाउस भी भत्ता देने लगा है। क्या अमेरिका अपने मुंह को थप्पड़ मार रहा है ?ट्रंप की कार्रवाई से फिर साबित हुआ है कि व्यापार युद्ध में कोई विजेयता नहीं होता।

ट्रेड वॉर में कई देशों ने अमेरिकी कृषि को हमले का ठिकाना बनाया है। अमेरिकी किसान ट्रंप के ट्रेड वॉर के शिकार हैं। वे व्हाईट हाउस की असंगत और गैरप्रासंगिक टैरिफ नीति के परिणाम झेल रहे हैं। अमेरिका विश्व में सबसे बड़े कृषि उत्पादों का निर्यातक देश है ।अमेरिकी कृषि मंत्रालय का अनुमान है कि यूरोपीय संघ ,चीन ,मेक्सिको और कनाडा के बदले से अमेरिकी कृषि का नुकसान 11 अरब अमेरिकी डॉलर का होगा।

अगर अमेरिका ट्रेड वॉर से प्रभावित अन्य व्यवसायों पर भत्ता जारी करेगा ,तो अमेरिकी सरकार को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। सबसे पहले धनराशि के स्रोत की समस्या। दूसरा भत्ता देने की कानूनी समस्या ।

विश्लेषकों के विचार में ट्रंप प्रशासन द्वारा किसानों को भत्ता देने से एक तरफ अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अमेरिका का दोहरा मापदंड और दोमुहीं कार्रवाई दर्शायी गयी, दूसरी तरफ यह साफ ज़ाहिर है कि अमेरिकी ट्रेड वॉर नीति से अन्य देशों पर अनिश्चितताएं लाने और विश्व बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था पर हानि पहुंचाने के साथ खुद को डांवाडोल स्थिति में डाला गया है।

(वेइतुंग)

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