टिप्पणी : ट्रम्प के शासन काल में अमेरिका-यूरोप ढांचागत चोट का इलाज नहीं

2018-08-03 17:32:08

यूरोपीय संघ के अध्यक्षजीन-क्लाउड जूनकर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प

दूसरे विश्व युद्ध के बाद से लेकर अब तक अमेरिका और यूरोप के बीच गंठबंधन हुआ, द्विपक्षीय संबंध में लगातार परिवर्तन हो रहा है। शीत युद्ध काल में अमेरिका यूरोप से शक्तिशाली था, शीत युद्ध के बाद दोनों पक्षों के बीच कभी-कभी संघर्ष होता रहा है। 2017 में ट्रम्प के शासन करने के बाद वे यूरोप का अपमान और अत्याचार करते हैं, जिससे अमेरिका और यूरोप के बीच दरार लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि हाल में दोनों पक्षों ने व्यापार सहयोग करने के बयान पर हस्ताक्षर किए, फिर भी द्विपक्षीय संबंध में आ रही गिरावट कम नहीं हो सकती।

पहला, शीत युद्ध काल में यूरोप अमेरिका की सुरक्षा गारंटी पर निर्भर रहता था और वह पश्चिमी गठबंधन में कम प्रभावशाली सदस्य बन गया। गत शताब्दी के 50 के दशक के अंत में छह यूरोपीय देशों ने यूरोप में एकीकरण क्रांतिकारी गतिविधि चलाई, जिसका मकसद अमेरिका और सोवियत संघ जैसे सुपर महादेशों के बीच हुए संघर्ष में आर्थिक क्षेत्र में स्वतंत्र गुंजाइश की खोज करना है। प्रारंभ में यूरोपीय आर्थिक समुदाय अंतरराष्ट्रीय मामलों में खास भूमिका निभाने में सक्षम नहीं रहा, और प्रतिरक्षात्मक सहयोग भी संबंधित नहीं रहा। अमेरिका ने पश्चिमी गठबंधन में स्थिर नेतृत्वकारी स्थान बनाए रखा, जिससे यूरोपीय देशों को बर्लिन, क्यूबा और मध्यम दूरी की मिसाइल जैसे पश्चिम और पूर्व के बीच हुए अहम संकट के दौरान अमेरिका के साथ-साथ होना पड़ा। लेकिन दसियों वर्षों में अमेरिका फ्रांस और जर्मनी दोनों बड़े देशों को नियंत्रण नहीं कर सका। फ्रांस ने जनरल डी गॉल के नेतृत्व में नाटो से हट गया और खुद का परमाणु हथियार विकसित किया। वहीं, जर्मनी प्रधानमंत्री विली ब्रांट के नेतृत्व में नई पूर्वी नीति शुरु की।

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