टिप्पणी :राष्ट्रीय सुरक्षा के बहाने विदेशी निवेश नियंत्रित करना गलत

2018-08-15 17:02:02

हाल ही में अमेरिका ने विदेशी पूंजी निवेश के प्रति राष्ट्रीय सुरक्षा जांच का सुधार विधेयक पारित किया ।इसके तहत अमेरिका में आने वाली विदेशी पूंजी की अधिक कड़ी जांच की जाएगी ।विश्लेषकों के विचार में राष्ट्रीय सुरक्षा के बहाने विदेशी निवेश नियंत्रित करना गलत कदम है, इससे खुद उसे नुकसान पहुंचेगा।

कई वर्षों से विदेशी पूंजी नियंत्रित करते समय अमेरिका अकसर यह बहाना बनाता रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन वर्तमान विश्व में अमेरिका राजनीतिक ,आर्थिक ,सैन्य और वैज्ञानिक व तकनीकी क्षेत्रों में अपना वर्चस्व बनाए रखा है ।यह अविश्सनीय है कि कोई अन्य देश अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है । इस बहाने के पीछे हकीकत यही है कि अमेरिका को दूसरे देशों द्वारा व्यावसायिक प्रतिस्पर्द्धात्मक शक्ति और वैज्ञानिक व तकनीकी सृजन में अपने को पीछे छोड़ने की चिंता है ।इसी कारण अमेरिका आर्थिक वैश्वीकरण के विकास की अनदेखी कर तरह-तरह की बाधाएं खड़ी करता है ताकि प्रतिद्वंद्वी नयी तकनीक पाकर अमेरिका का दबदबा न हिला सके ।

विश्लेषकों का कहना है कि विदेशी पूंजी को सीमित करने से अल्पकाल में अमेरिकी उद्यमों के विकास का मौका बर्बाद कर अमेरिकियों के रोजगार मौके कम होंगे। जबकि दूरगामी दृष्टि से अमेरिका के व्यावहारिक विकास और तकनीकी सृजन पर बुरा असर पड़ेगा ।वैश्वीकरण के युग में बहुराष्ट्रीय उद्यमों को पूंजी निवेश सहयोग और तकनीक के आदान-प्रदान में तीव्र इच्छा और मांग है ,जिसे राजनीतिज्ञों के स्वार्थों से अगवा नहीं किया जाना चाहिए ।

विदेशी पूंजी की सुरक्षा जांच में चीनी पूंजी से संचालित उद्यम मुख्य रूप से प्रताड़ित रहते हैं ।लगातार चार साल तक अमेरिकी विदेशी पूंजी आयोग के राष्ट्रीय सुरक्षा जांच मामलों में चीनी उद्यमों से जुड़े मामले सबसे अधिक रहे ।अमेरिका ने चीन के प्रति अत्यंत ऊंची निवेश सीमा निर्धारित की है ।इसी कारण चीनी उद्यम मुख्य तौर पर अमेरिका के वित्त ,रियल एस्टेट और मनोरंजन उद्योग में पूंजी लगाते हैं और अमेरिकी तकनीकी क्षेत्र में बहुत ही कम पूंजी लगाते हैं ।

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