तिब्बत में श्वेतुन त्यौहार के दौरान थांगखा चित्र प्रदर्शनी आयोजित

2018-08-17 11:33:03

ल्हासा श्वेतुन त्यौहार के दौरान थांगखा चित्र प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। प्रदर्शनी में कुल 84 श्रेष्ठ थांगखा चित्र दिखाई जा रही हैं, जिनमें“माची लाचन”और“म्यायिन बोधिसत्व”दोनों थांगखा चित्रों पर लोगों का ध्यान केंद्रित हुआ है। ये छीवू कांगपा शैली की थांगखा चित्र हैं। इस शैली की थांगखा चित्र बनाने की तकनीक पहले लुप्त होने के कगार पर थी। लेकिन कई सालों में इसके संरक्षण और उत्तराधिकार किए जाने से इस प्राचीन इतिहास वाली थांगखा चित्र का नया विकास हुआ है।

थांगखा चित्र की प्रदर्शनी हर वर्ष श्वेतुन त्यौहार के दौरान महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे देखने के लिए अनगिनत लोग आते हैं। इस वर्ष श्वेतुन त्यौहार के दौरान 30 थांगखा चित्रकारों ने अलग शैली की थांगखा चित्र प्रदर्शित कीं।

छीवू कांगपा शैली की थांगखा चित्र 13वीं शताब्दी में लोकप्रिय रही। आज, इस प्रकार की थांगखा चित्र कुछ प्राचीन इतिहास वाले मठों में सुरक्षित भीति चित्र के रूप में देखे जाने के अलावा बहुत कम दिखाई देती हैं।

तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के ललितकला संघ के महासचिव प्यानपा ने जानकारी देते हुए कहा कि छीवू कांगपा शैली की थांगखा चित्र बहुत विशेष शैली की है, जो नेपाल और पश्चिमी भारत की ललित कलात्मक शैली अपनाने के आधार पर तिब्बती जाति की ललित कलात्मक तकनीक शामिल किया गया। वर्तमान में तिब्बत के छंगतू प्रिफेक्चर और शिकाजे दो स्थलों में छीवू कांगपा शैली की थांगखा चित्र के आगे विकास किया जा रहा है। थांगखा चित्र कलाकार नई रचनाएं रचने के साथ-साथ व्यापक तौर पर प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण देने में संलग्न हैं, ताकि इस शैली की दुर्लभ थांगखा चित्र का उत्तराधिकार किया जा सके।

(श्याओ थांग)

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