“ईरान एक्शन ग्रुप(आईएजी)” की स्थापना की घोषणा की अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने

2018-08-17 19:01:59

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने 16 अगस्त को “ईरान एक्शन ग्रुप(आईएजी)” की स्थापना की घोषणा की। यह ग्रुप ईरान पर प्रतिबंध के विशिष्ट उपाय अपनाने की जिम्मेदारी लेगा।

उसी दिन अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पिछले 40 सालों में ईरान अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ हस्तक्षेप वाली गतिविधि करता रहा है। ईरान परमाणु समझौता ईरान में पुरमाणु गतिविधियों और विदेशिक हिंसा की समाप्ति नहीं कर सकता है। ईरानी सरकार को देश और विदेश में अपने गतिविधियों में बड़ा परिवर्तन करना चाहिये। आईएजी अमेरिकी विदेश मंत्रालय और अमेरिकी सरकार के अन्य विभागों के बीच निकट समन्वय सुनिश्चित करेगा और ईरान के प्रति नीति में प्रगति प्रात करने को बढाएगा। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के नीति नियोजन निदेशक ब्रायन हुक आईएजी के प्रमुख यानी “ईरान मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधि” का पद संभालेंगे।

उसी दिन हुक ने कहा कि पोम्पियो ने 5 अगस्त को ईरान के प्रति 12 बातों का दावा किया। आईएजी इन 12 बातों के विषय पर काम करेगा। आईएजी ईरान परमाणु कार्यक्रमों का समाधान करने, ईरान के आंतकवादी का समर्थन करने और हिरासत में लिये जाने वाले अमेरिकी नागरिकों आदि मुद्दों पर ध्यान देगा। साथ ही वे अन्य देशों से ईरान संबंधी मुद्दों पर आम राय को बढाने और मतभेदों को हल करने का प्रयास करेंगे। अमेरिका को उम्मीद है कि 4 नवंबर के पहले सभी देशों में ईरानी तेल के आयात की कुल राशि गिराकर शून्य तक पहुंच सकेगी। अमेरिका इन देशों पर गौण प्रतिबंध लगाएगा, जो संबंधित प्रतिबंध आदेश का पालन नहीं करेंगे और ईरान से व्यापार जारी रखेंगे।

अमेरिका के ईरान परमाणु समझौते से हटने के बाद ईरान ने अमेरिका से वार्ता न करने की घोषणा की। ईरान के उच्चतम नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई ने 13 अगस्त को कहा कि ईरान परमाणु समझौते से हटने से अमेरिका के “रौबदार और गैर-ईमानदार सारतत्व” का स्पष्ट मिल चुका है। ईरान ऐसे देश से वार्ता नहीं करेगा, जो सिर्फ ईरान से रियायत चाहता है।(हैया)

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