मालदीव का विकास एक पट्टी एक मार्ग पहल से अलग नहीं हो सकता

2018-08-23 11:35:02

मालदीव का विकास एक पट्टी एक मार्ग पहल से अलग नहीं हो सकता

इस साल एक पट्टी एक मार्ग के पहल की प्रस्तुति की 5वीं वर्षगांठ है। मालदीव 21वीं सदी समुद्री रेशम मार्ग में एक अहम भाग है और दक्षिण एशिया में सबसे पहले इस पहल में भाग लेने वाला देश भी है। चीन और मालदीव ने इस पहल के ढांचे में सिलसिलेवार सहयोग किये हैं। चीन स्थित पूर्व मालदीव के राजदूत मोहम्मद रशीद ने सीआरआई के साथ साक्षात्कार में कहा कि मालदीव का विकास एक पट्टी एक मार्ग पहल की मदद से अलग नहीं हो सकता।

मोहम्मद रशीद ने कहा कि 2014 में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मालदीव की सफल यात्रा की। इस के बाद दोनों देशों के बीच सहयोग और मजबूत हुआ। विभिन्न क्षेत्रों में दोनों की आवाजाही और व्यस्त रही। जल्द ही चीन की सहायता में निर्मित चीन-मालदीव मैत्री पुल का निर्माण पूरा होने वाला है। यह परियोजना दोनों देशों के बुनियादी संरचना के निर्माण क्षेत्र में सहयोग की मिसाल है, जो मालदीव की सदी परियोजना मानी जाती है। इसके अलावा चीन द्वारा निर्मित मालदीव अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की विस्तार परियोजना और माले निवास मकान आदि परियोजनाओं का निर्माण भी हो रहा है। मोहम्मद रशीद ने कहा कि इन परियोजनाओं ने स्थानीय नागरिकों की जीवन स्थिति में बड़ा सुधार किया है। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के मौका भी दिये हैं। स्थानीय पर्यटन उद्योग भी इस से आगे विकसित हो रहा है। मालदीव एक पट्टी एक मार्ग पहल से सब से ज्यादा लाभ पाने वाले देशों में से एक है। मोहम्मद रशीद की नजर में यह पहल सिर्फ़ अर्थतंत्र से संबंधित नहीं है, बल्कि एक सामाजिक विकास की पहल भी है। चीन का यह पहल हमारी समृद्धि के लिए मददगार है। जबकि समृद्धि स्थिरता ला सकेगी।

(श्याओयांग)

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