क्या पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री भारत-पाक संबंधों में ला सकते हैं शैथिल्य

2018-08-27 16:32:01

पाकिस्तान की नयी सरकार ने सत्ता में आने के बाद भारत के साथ वार्ता पुनः शुरू करने और संबंधों में सुधार लाने का इरादा जताया। पाकिस्तान आशा करता है कि द्विपक्षीय संबंधों में सुधार करने से अपने देश के विकास के लिए अच्छा वातावरण तैयार किया जाएगा।

विश्लेषकों का मानना है कि भारत-पाक संबंध अच्छे नहीं हैं, दोनों के बीच अकसर सीमा पर मुठभेड़ होती रहती हैं। क्या पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान कई वर्षों से जारी तनावपूर्ण भारत-पाक संबंधों में शैथिल्य ला सकते हैं। इस पर आगे अवलोकन की जरूरत है।

19 अगस्त को शपथ ग्रहण समारोह में पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों में सुधार करने की बात कही। फिर उन्होंने ट्विटर पर भारत के साथ वार्ता पुनः शुरू करने का इरादा प्रकट किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और भारत को वार्ता के जरिए कश्मीरी समस्या समेत मतभेदों को दूर करना चाहिए। यह दक्षिण एशियाई उपमहाद्वीप को गरीबी से छुटकारा पाने का सबसे अच्छा रास्ता है।

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इमरान खान को दिए बधाई पत्र में वार्ता पुनः शुरू करने की इच्छा भी प्रकट की। उन्होंने लिखा कि भारत पाकिस्तान के साथ अच्छे पड़ोसी जैसे मैत्रीपूर्ण संबंधों की स्थापना करने में लगा रहेगा। आशा है कि दोनों पक्ष आतंकवाद रहति दक्षिण एशिया के निर्माण के लिए प्रयास करेंगे।

इमरान खान पाकिस्तान के मशहूर क्रिकेट स्टार भी थे। वे भारत में भी बहुत प्रसिद्ध हैं। विश्लेषकों ने आशा जताई कि इमरान खान क्रिकेट कूदनीति से द्विपक्षीय संबंधों की तनावपूर्ण स्थिति को तोड़ सकते हैं। पाकिस्तान की नयी सरकार ने सक्रिय संकेत दिया है, जो वार्ता को आगे बढ़ाने और क्षेत्रीय शांति की रक्षा के लिए लाभदायक है। लेकिन भारत-पाक संबंध जटिल रहे हैं, खासतौर पर कश्मीर समस्या पर दोनों पक्ष कठिनाई से रियायत दे सकते हैं। इसलिए निकट भविष्य में दोनों देशों के संबंधों में यथार्थ सुधार नहीं हो सकता है। लेकिन दोनों पक्ष संपर्क करते हुए द्विपक्षीय संबंधों के विकास की नयी संभावना ढूंढ़ने की कोशिश कर सकते हैं।

(श्याओयांग)

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