वर्ष 2022 के पहले 3 अंतरिक्षचारियों को अंतरिक्ष में भेजेगा भारत

2018-08-30 16:02:00

वर्ष 2022 के पहले भारत मानव अंतरिक्ष की उड़ान योजना को पूरा करेगा। इस योजना के अनुसार भारत 3 अंतरिक्षचारियों को अंतरिक्ष में भेजेगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने 28 अगस्त को यह बात कही।

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को भारतीय स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से एक भाषण दिया जिसमें उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 के पहले भारत मानव अंतरिक्ष की उड़ान योजना को पूरा करेगा। अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत मानव अंतरिक्ष की उड़ान कार्य को पूरा करने वाला चौथा देश बनेगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने कहा कि योजना के अनुसार भारतीय मानव अंतरिक्ष यान को तीसरी पीढ़ी के भू-समकालिक उपग्रह प्रक्षेपण वाहन ( geosynchronous satellite launch vehicle) के साथ प्रक्षेपण किया गया। लगभग 16 मिनट के बाद वे पृथ्वी से 300-400 किलोमीटर दर के कम पृथ्वी कक्षा (लियो) में चलेंगे। 3 अंतरिक्षचारी अंतरिक्ष में 5-7 दिनों के लिये रहेंगे और सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (microgravity) संबंधी वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे। बाद में वे पृथ्वी पर वापस लौटेंगे। संभव है कि लैंडिंग साइट पश्चिमी भारत के गुजरात प्रदेश के पास अरब के सागर में होगी।

पता चला है कि भारत में समानव अंतरिक्ष की प्रथम उड़ान योजना के पहले भारत दो गैर-मानव उड़ानों का परीक्षण भी करेगा। इन दो परीक्षणों को अगले 30 से 36 महीनों में किया जाएगा। अगले 40 महीनों में यानी वर्ष 2021 के अंत या वर्ष 2022 के आरंभ में भारत समानव अंतरिक्ष की उड़ान योजना को पूरा करेगा। इस पूर्ण योजना की लागत 1 खरब रुपये से अधिक नहीं होगी। वास्तव में वर्ष 2004 में भारत ने समानव अंतरिक्ष की उड़ान योजना को शुरु किया था। भारतीय मानव अंतरिक्ष यान में मानव कैप्सूल, सेना कैप्सूल और कक्षीय कैप्सूल शामिल हैं। इस यान का व्यास 3.7 मीटर है और ऊँचाई 7 मीटर है।(हैया)

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