(इंटरव्यू) मातृभूमि के लोगों के साथ-साथ कर्मभूमि के लोगों के लिए भी योगदान : इण्डियन एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश शर्मा

2018-08-30 18:33:00

(इंटरव्यू) मातृभूमि के लोगों के साथ-साथ कर्मभूमि के लोगों के लिए भी योगदान : इण्डियन एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश शर्मा

“चीन में इण्डियन एसोसिएशन की स्थापना साल 1997 में शांगहाई में हुई, यह चीन में सबसे पुराना इण्डियन एसोसिएशन है। यह 21 सालों से काम कर रहा है, और इसका काम करने का तरीका बहुत ही सार्वजनिक और बड़ा लोकतांत्रिक है। यहां सबकुछ चुनाव के जरिये किया जाता है, फिर चाहे अध्यक्ष हो या महासचिव चुनना हो,” इण्डियन एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने सीआरआई को दिए एक ख़ास इंटरव्यू में बताया।

चीन में इंडिया ग्लोबल आईटी कंपनी टेक महिंद्रा के जनरल मैनेजर मुकेश शर्मा ने इण्डियन एसोसिएशन की स्थापना के बारे में जानकारी देते हुए बताया, “साल 1997-98 में जब इण्डियन एसोसिएशन की स्थापना हुई थी, तब यह पहले शांगहाई इंडियन लेडी एसोसिएशन और शांगहाई बिजनस एसोसिएशन दो भागों में बंटा हुआ था। इन दोनों को मिलाकर एक ही इण्डियन एसोसिएशन बना दिया गया।”

उन्होंने यह भी बताया कि इस इण्डियन एसोसिएशन का खुद का संविधान है, और एक वेबसाइट भी है। अभी हाल ही में शांगहाई में भारत के कौंसल जनरल अनिल राय ने इण्डियन एसोसिएशन के वीचैट अकाउंट का उद्घाटन किया। इस समय इण्डियन एसोसिएशन के 2 हजार पंजीकृत सदस्य हैं। आने वाले समय में इस संख्या में इजाफा होते हुए देखना चाहते हैं।

मुकेश शर्मा के अनुसार इण्डियन एसोसिएशन वहां रहने वाले तमाम भारतीयों को एकता के सूत्र में पिरोते हुये वहां न केवल अपने तीज-त्यौहार मनाती है, बल्कि कर्मभूमि चीन के प्रति भी कुछ कर गुज़रने का ज़ज़्बा रखती है। उन्होंने कहा, “इण्डियन एसोसिएशन के संविधान की परिकल्पना है कि हमें मातृभूमि के लोगों के साथ-साथ कर्मभूमि के लोगों के लिए भी कुछ योगदान और सेवा देनी चाहिए।”

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी