अफ्रीकी विकास का इंजन बना चीन…

2018-08-31 15:32:00

अफ्रीकी विकास का इंजन बना चीन…

चीन-अफ्रीका सहयोग मंच का सम्मेलन 3 सितंबर से बीजिंग में होगा आयोजित। चीन और अफ्रीका के कई बड़े नेता करेंगे शिरकत। दुनिया के जाने-माने विशेषज्ञों और मीडिया की नजर इस सम्मेलन पर। चीन और अफ्रीका के बीच द्विपक्षीय व्यापार 170 अरब डॉलर से अधिक। पिछले नौ वर्षों से चीन लगातार अफ्रीका का नंबर वन बिजनेस पार्टनर।

पिछले लगभग चार दशक से चीन दुनिया के तमाम विकसित, विकासशील और गरीब देशों में अपनी गहरी पैठ बना रहा है। खुलेपन और सुधार की नीति लागू होने के बाद चीन के दरवाजे जहां दुनिया के लिए खुले, वहीं विदेशी धरती पर चीन की धमक सुनाई दी। आज चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। एशिया से लेकर अफ्रीका तक में चीनी कंपनियों और उत्पादों की धूम है। अफ्रीका के साथ चीन के रिश्ते काफी प्रगाढ़ हैं। इसी बीच चीन की राजधानी बीजिंग में 3 सितंबर से दो दिवसीय चीन-अफ्रीका सहयोग मंच का शिखर सम्मलेन आयोजित हो रहा है। इससे पहले 2 सितंबर को सहयोग मंच का 7 वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन भी होगा। इस सम्मेलन पर विश्व भर की मीडिया और विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है।

यहां बता दें कि चीन ने पिछले कई वर्षों से अफ्रीका के गरीब और अविकसित क्षेत्रों के विकास पर खासा ध्यान दिया है। चीनी कंपनियां न केवल अफ्रीकी देशों में व्यापार करती हैं, बल्कि वहां आधारभूत संस्थापनों के विकास में भी अहम भूमिका निभाती हैं। स्कूल, अस्पताल, सड़क और रेल हर क्षेत्र में चीन की मजबूत उपस्थिति देखी जा सकती है। इस तरह चीन अफ्रीकी लोगों के जीवन-स्तर को सुधारने में लगा हुआ है। हालांकि चीन से पहले अफ्रीका में पश्चिमी देशों का बोलबाला था, उन्होंने स्थानीय संसाधनों का खूब दोहन किया। लेकिन विकास के नाम पर अफ्रीका में कुछ नहीं हुआ। जैसे ही चीन को अफ्रीका में काम करने का मौका मिला, अफ्रीका के कई देशों की स्थिति बेहतर हुई है। बीजिंग में होने वाले शिखर सम्मेलन के दौरान भी चीन और अफ्रीका के बीच सहयोग संबंधी कई मुद्दों पर चर्चा होगी और समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे।

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