चीन-अफ्रीका सहयोग मंच के पेइचिंग शिखर सम्मेलन की विश्व में खूब प्रशंसा

2018-09-06 14:33:01

3 से 4 सितंबर तक चीन-अफ्रीका सहयोग मंच के पेइचिंग शिखर सम्मेलन का सफलतापूर्ण आयोजन हुआ। अंतर्राष्ट्रीय लोकमत का मानना है कि शिखर सम्मेलन के आयोजन से चीन-अफ्रीका संबंधों को नये स्तर पर पहुंचाया जाएगा।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 3 सितंबर को अपने बयान में कहा कि चीन अफ्रीकी देशों के विकास के रास्ते में हस्तक्षेप नहीं करेगा, उनके अन्दरूनी मामलों में दखल नहीं देगा, अपने विचारों को दूसरों पर नहीं थोपेगा, अफ्रीकी देशों को सहायता देते समय कोई राजनीतिक शर्तें नहीं रखेगा और अफ्रीका में निवेश करते समय राजनीतिक हित नहीं खोजेगा। चीन की इस नीति का विश्व में उच्च मूल्यांकन किया गया है।

नामीबिया विश्वविद्यालय के अध्यक्ष ओजे रिरूको ने कहा कि चीन अफ्रीका के लिए सभी मौसम का दोस्त है। राष्ट्रपति शी चिनफिंग की नीति प्रेरित करने वाली है।

दक्षिण अफ्रीका के मशहूर अर्थशास्त्री मुंदे ने कहा कि अफ्रीका और चीन के बीच प्राकृतिक मित्रता है। अफ्रीका और चीन के बीच सहयोग समान और आपसी लाभ वाला है।

कन्या के विद्वान न्देगवा मुहोरो ने कहा कि चीन अफ्रीका पर अपने विचार नहीं थोपता है, अफ्रीका की सही मायने में मदद कर रहा है।

मुंबई के ऑब्जर्वर फाउंडेशन के भूतपूर्व अध्यक्ष सुधींद्र कुलकर्णी ने कहा कि चीन और अफ्रीका के बीच सहयोगी संबंध मजबूत है। चीन की अफ्रीकी अन्दरूनी मामलों में हस्तक्षेप नहीं लगाने की नीति अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का नया ढ़ंग है।

बोत्सवाना के परिवहन व संचार मंत्रालय के सचिव कौबेलो एबिन ने कहा कि आधारभूत उपकरणों के निर्माण से बोत्सवाना में राजमार्ग नेट में सुधार आएगा, और साथ ही बोत्सवाना के आर्थिक व सामाजिक समस्याओं को दूर किया जाएगा।

सर्बिया के राष्ट्रपति एलेक्सेंडर वुसिक ने कहा कि जब विश्व में व्यापार संरक्षणवाद का रूझान उभरने लगा है, तब चीन ने विकासशील देशों की निःस्वार्थ मदद करने का दृढ़ संकल्प दिखाया है।

पेरिस आठवीं विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पेयर पिक्वार्ट ने कहा कि चीन अफ्रीका के विकास में सकारात्मक भूमिका अदा कर रहा है। चीन-अफ्रीका संबंध उभय जीत वाले संबंध ही हैं।

( हूमिन )

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