अनेक तत्वों से रूपया गिरता रहा

2018-09-06 15:37:00

फिलहाल अमेरिकी डॉलर के प्रति भारतीय रूपया लगातार गिरता रहा। पाँच सितंबर को विदेशी मुद्रा बाज़ार में रुपये की विनिमय दर एक डॉलर 71.75 रूपये पर बंद हुआ, जिसके तहत डॉलर के प्रति रूपये की विनिमय दर इस साल के शुरू से अब तक 12.3 प्रतिशत गिरी। बाज़ार विश्लेषकों के विचार में कई तत्वों से रूपया कमजोर होता रहा, जिनमें तेल की कीमतों में वृद्धि, व्यापार घाटे का विस्तार, पूंजी का बाहरी बहाव और सरकार की हस्तक्षेप करने की कम इच्छा शामिल है।

भारत का 82 प्रतिशत प्राकृतिक तेल आयात पर निर्भर है। तेल की कीमतों में तेज़ी का मतलब है कि भारत को तेल आयात के लिए अधिक डॉलर खर्च करना है। इस अप्रैल से जून तक यानी चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में भारत ने 34 अरब 64 करोड़ अमेरिकी डॉलर तेल का आयात किया, जो गतवर्ष की समान अवधि से 49.44 प्रतिशत बढ़ा है।

इधर कुछ साल भारत का वैदेशिक व्यापार घाटा बढ़ता रहा। इस जुलाई में व्यापार घाटा 18 अरब डॉलर था, जो इधर पाँच साल में सबसे ज्यादा था। इसके अलावा अमेरिकी ब्याज वृद्धि से वैश्विक पूंजी निवेशक नवोदित बाजारों से पूंजी निकाल रहे हैं।

विश्लेषकों के विचार में रुपये का भविष्य आशावान नहीं है। भारतीय वित्त अखबार इकनॉमिक टाइम्स द्वारा आयोजित एक पड़ताल के अनुसार आधे से अधिक विश्लेषकों का अनुमान है कि इस साल के अंत तक एक डॉलर 73 रुपये का होगा। (वेइतुंग)

न्यूज़ व्यापार पर्यटन बाल-महिला स्पेशल विश्व का आईना चीनी भाषा सीखें वीडियो फोटो गैलरी