भारत-अमेरिका 2 प्लस 2 वार्ता हुई, करीब आना आसान नहीं

2018-09-07 15:07:00

6 सिंतबर को नई दिल्ली में भारत और अमेरिका ने 2 प्लस 2 वार्ता की, जिसमें दोनों देशों के विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री उपस्थित हुए। दोनों पक्षों ने दूर संचार, समावेश और सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किये। विश्लेषकों के विचार में इस वार्ता से जाहिर है कि भारत अमेरिका सैन्य सहयोग कदम दर कदम बढ़ रहे हैं ,लेकिन ईरान सवाल और रूस हथियार सवाल पर दोनों देशों के बीच मतभेद बना हुआ है। सच्चे मायने में भारत और अमेरिका का करीब आना आसान नहीं होगा।

दूर संचार, समावेश और सुरक्षा समझौते के तहत भारतीय सेना अमेरिका के उच्च स्तरीय कूट लेखन (Encryption) वाले दूर संचार उपकरणों का प्रयोग कर सकेगी, जिसने भारत का अमेरिका से हाई टेक हथियार खरीदने के लिए मार्ग प्रशस्त किया गया है। वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि इस समझौते से भारत अमेरिकी प्रगतिशील प्रतिरक्षा व्यवस्था और मंच का बेहतर प्रयोग करेगा। दोनों देश प्रतिरक्षा उद्योग सहयोग पर वार्ता शुरू करेंगे।

भारतीय विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा विदेश मंत्रियों और रक्षा मंत्रियों की 2 प्लस 2 वार्ता ने जो पहले विदेश मंत्रियों और वाणिज्य मंत्रियों की बैठक की जगह ली है ,इसका मतलब है कि दोनों देशों ने प्रतिरक्षा सहयोग अधिक महत्वपर्ण स्थान पर रखा है।

विश्लेषकों का कहना है कि भारत का ईरान से प्राकृतिक तेल और रूस से वायु भेदी मिसाइल खरीदने पर दोनों देशों के बीच स्पष्ट मतभेद मौजूद हैं और इस वार्ता से इन सवालों का समाधान नहीं हुआ।

इसके अलावा भारत हमेशा गुटनिर्पेक्ष परंपरा पर कायम रहता है और कुछ राजनीतिक दल अमेरिका के प्रति शत्रुतापूर्ण रुख़ अपनाते हैं, भारत और रूस के बीच घनिष्ठ प्रतिरक्षा संबंध है, इसलिए भारत और अमेरिका को एक दूसरे से करीब आने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

(वेइतुंग)

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