कोरिया प्रायद्वीप को परमाणु मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए अमेरिका और डीपीआरके के नेता करें कोशिश

2018-09-12 11:37:01

11 सितंबर को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जाए-इनने 11 सितंबर को एक बैठक बुलाकर कहा कि यदि कोरिया प्रायद्वीप के प्रमाणु मुक्त क्षेत्र बनाने की प्रक्रिया और ऊंचे दौर में पहुंचना चाहती है तो अमेरिका और डोमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक अफ कोरिया(डीपीआरके) के नेताओं को साहसिक निर्णय और बड़ी कोशिश करनी चाहिए।

मून जाए-इन ने कहा कि डीपीआरके हाल में सिलसिलेवार कदम उठा चुका है और उसने नाभिकीय प्रशिक्षण न करने का वचन दिया। साथ ही डीपीआरके ने परमाणु प्रशिक्षण स्थल और मिसाइल इंजन प्रशिक्षण स्थल को त्याग कर अमेरिकी सैनिकों के अवशेषों को वापस भेजा है। अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने भी बड़े पैमाने वाले सैन्याभ्यास को स्थगित किया। प्योंगयांग में आयोजित होने वाले कोरिया प्रायद्वीप के दोनों पक्षों की शिखर भेंटवार्ता इस क्षेत्र में परमाणु मुक्त क्षेत्र बनाने और शांति व्यवस्था की स्थापना करने का अच्छा मौका होगा। डीपीआरके और अमेरिका को लम्बे अरसे से शत्रुता वाले संबंध से पैदा हुए अविश्वास को मिटाना चाहिए और यथाशीघ्र ही सदिच्छापूर्ण वार्तालाप को पुनः शुरू करना चाहिए।

गौरतलब है कि दक्षिण कोरिया ने 6 सितंबर को घोषणा की कि उस की डीपीआरके के साथ 18 से 20 सितंबर को प्योंगयांग में शिखर भेंटवार्ता होगी। यह दोनों देशों के सर्वोच्च नेताओं के बीच तीसरी भेंटवार्ता होगी।

10 सितंबर को अमेरिकी व्हाइट हाऊस की प्रवक्ता सराह हुकाबी सान्डर्स ने 10 सितंबर को कहा कि अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के डोमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक अफ कोरिया(डीपीआरके) के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन के साथ भेंटवार्ता पर चर्चा कर रहा है। सान्डर्स ने उसी दिन एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ट्रम्प ने किम जोंग-उन का नया पत्र हासिल किया। पत्र का विषय बहुत सक्रिय और गर्म है। पत्र में दोनों देशों की दोबारा भेंटवार्ता का प्रबंध करने का सुझाव पेश किया गया है। व्हाइट हाऊस खुला रुख अपनाता है और इस पर समन्वय कर रहा है।

(श्याओयांग)

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