चीन नेपाल मित्रता का नया प्रतीक--अरानिको की मूर्ति का अनावरण

2018-09-23 15:15:00

22 सितंबर को नेपाल के मशहूर वास्तु कलाकार और चीन नेपाल परंपरागत मित्रता बढ़ाने वाले अरानिको की मूर्ति का अनावरण समारोह लालितपुर शहर के म्युनिसिपल हॉल में आयोजित हुआ ।नेपाली राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी इसमें उपस्थित हुए।

वर्ष 1244 में जन्में अरानिको नेपाल में महान वास्तुविद थे। अरानिको का जन्म स्थान तो नेपाल का पटान यानी आज का ललितपुर है । वर्ष 1260 में तत्कालीन चीन के युएं राजवंश के बादशाह कुबलई खान के निमंत्रण पर वे चीन आये और चीन में चालीस से अधिक साल बिताए। इस दौरान उनके नेतृत्व में बनीं दसेक महान इमारतें अब मूल्यवान ऐतिहासिक धरोहर बन चुकी हैं, जिनमें से सफेद पगोडा मंदिर पेइचिंग का एक मशहूर पर्यटन स्थल है।

अनावरण समारोह पर राष्ट्रपति भंडारी ने अरानिको की ऐतिहासिक उपलब्धियों की भूरि भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अरानिको ने नेपाल और चीन के बीच घनिष्ठ संबंध बढ़ाने के लिए अविस्मर्णीय योगदान दिया। हमारे देश को उन पर बड़ा गर्व है।

नेपाल स्थित चीनी राजदूत यू होंग ने समारोह में भाग लेते समय आशा व्यक्त की कि अधिकाधिक चीन और नेपाल के लोग अरानिको और दोनों देशों की मनत्रवत आवाजाही का इतिहास जानेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बहुत से चीनी या नेपाली लोग दोनों देशों की मित्रता के नये विकास के लिए प्रयास कर रहे हैं ।वे नये युग के अरानिको हैं।

(वेइतुंग)

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