चीन ने चीन-अमेरिका व्यापार संघर्ष के तथ्यों और चीन के पक्ष पर श्वेत पत्र जारी किया

2018-09-24 14:10:00

श्वेत पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2017 में नयी अमेरिकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद अमेरिका फर्स्ट के नारे के तहत पारस्परिक सम्मान और समानतापूर्ण सलाह मशविरे जैसे अंतर्राष्ट्रीय आवाजाही के बुनियादी सिद्धांत छोड़कर एकतरफावाद, संरक्षणवाद और आर्थिक प्रभुत्तवाद लागू किया और कई देशों, क्षेत्रों खासकर चीन पर सिलसिलेवार निराधार आरोप लगाये और निरंतर टैरिफ़ बढ़ाने जैसे तरीकों से आर्थिक धमकी दी और अधिकतम दबाव डालते हुए अपने हितों की मांग को चीन पर ज़बर्दस्ती थोपने की चेष्टा की।

श्वेत पत्र में कहा गया कि इस स्थिति में चीन ने दोनों देशों के समान हितों और वैश्विक आर्थिक व्यवस्था की समग्र स्थित का ख्याल रखकर वार्ता से मतभेद सुलझाने पर कायम रखकर बड़े धैर्य और ईमानदारी से अमेरिकी चिंता के प्रति जवाब दिया और मतभेदों को ताक पर रखकर समानता ढूंढने का रुख़ अपनाकर मतभेद निबटाने की कोशिश की और विभिन्न कठनाईयां दूर कर अमेरिका के साथ कई दौर की वार्ता की और व्यावहारिक समाधान योजना पेश की, लेकिन अमेरिका बार बार अपना वचन तोड़कर कठिन समस्याएं खड़ी करता रहा, जिससे चीन अमेरिका व्यापार संघर्ष कम समय में ही बहुत तेज़ी से बढ़ता रहा और चीन अमेरिका व्यापार संबंधों को भारी हानि पहुंची और बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था और मुक्त व्यापार सिद्धांत को गंभीर खतरे का सामना करना पड़ता है।

श्वेत पत्र में कहा गया कि चीन अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक संबंध दोनों देशों की जनता के कल्याण से जुड़ा है और विश्व शांति ,समृद्धि और स्थिरता से भी जुड़ा है। चीन और अमेरिका के लिए सहयोग एकमात्र सही विकल्प है। समान जीत से ही बेहतर भविष्य की ओर जा सकता है। चीन का पक्ष स्पष्ट, अटल और सुदृढ़ है।(वेइतुंग)

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