सुन्दर भविष्य के लिए अतीत बातों की स्मारक

2018-09-30 17:37:01

30 सितंबर को चीन ने पांचवीं बार जनता के वीरों को फूल टोकरी समर्पित करने की रस्म आयोजित की। राज्य नेता समेत विभिन्न जगत के प्रतिनिधियों ने पेइचिंग के थिएनआनमन चौक पर जनता के वीरों को फूल टोकरी समर्पित की।

विश्व में अनेक देशों ने अपना-अपना वीर स्मरण दिवस रखा है। भारत में 30 जनवरी को वीरों का स्मारक दिवस मनाया जाता है, 11 नवम्बर को कनाडा, 9 मई को रूस और मई माह के अंतिम साप्ताह में अमेरिका, इत्यादि। इन देशों में भी अपने अपने राष्ट्रीय वीरों को याद करने के लिए धूमधाम से रस्म का आयोजन किया जाता है।

चीनी जनता आधुनिक इतिहास में अपने शहीदों के योगदान को नहीं भूलेगी। सन 1840 और 1856 में दो बार ओपियम युद्ध हुए, सन 1894 में चीन और जापान के बीच समुद्री युद्ध हुआ, सन 1900 में आठ साम्राज्यवादी देशों ने चीन का आक्रमण किया, सन 1931 में जापान ने चीन पर आक्रमण किया। ओपियम युद्ध से चीन ने विवश होकर हजार से अधिक असमान संधियों पर हस्ताक्षर किये। राष्ट्र के खतरे में पड़ने के वक्त पर असंख्यक वीरों ने देश की प्रभुसत्ता के लिए अपने जान के बलिदान किया। लाखों हजारों वीरों के योगदान से सन 1949 की पहली अक्तूबर को चीन लोक गणराज्य की स्थापना की गयी।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि वीरों के बिना एक आशावान देश की स्थापना भी असंभव है। नये चीन की स्थापना से अभी तक के 69 सालों में चीनी जनता हमेशा शांति व स्वतंत्रता के लिए कोशिश करने के प्रति संकल्पबद्ध है। रुपांतर और खुली नीति शुरू होने से इधर के 40 सालों में चीन विश्व में दूसरा बड़ा अर्थतंत्र बन गया। 80 करोड़ लोगों को गरीबी से छुटकारा पाया। चीन ने विश्व में 30 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि संपन्न की है। वर्ष 2050 तक चीन एक शक्तिशाली, लोकतांत्रिक, सामंजस्यपूर्ण और सुंदर आधुनिक समाजवादी देश बनेगा। आज की शांति व विकास अनगिनत नायकों के बलिदान से आता है। इसलिए चीनी जनता सुन्दर भविष्य के लिए मेहनत से काम कर रही है, ताकि वीरों को याद कर सके।

( हूमिन )

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