टिप्पणी: चीन के खुलेपन से विश्व को मिलेंगे तमाम मौके

2018-10-05 16:38:01

हाल ही में समाप्त संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका फर्स्ट(प्रथम) का नारा बुलंद उठाते हुए वैश्विक शासन से इनकार किया। लेकिन अमेरिका के मित्र देशों सहित कई देशों के नेताओं ने इसकी आलोचना की है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस ने महासभा में विभिन्न देशों के नेताओं से सहयोग कर वैश्विक समस्याओं का समाधान खोजने की अपील की। हाल के समय में कुछ पश्चिमी देशों में अलगाववाद और एकतरफावाद की आवाज़ें सुनी जा रही हैं। उधर चीन ने अंतर्राष्ट्रीय सवालों के समाधान के लिए अपनी बुद्धि प्रदान की है। अमेरिका के जाने माने विद्वान राबर्ट कुह्न ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तुत एक पट्टी एक मार्ग पहल का उच्च मूल्यांकन करते हुए कहा कि यह वैश्विक विकास के लिए प्रस्तुत महत्वपूर्ण योगदान है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में हंगरी के विदेश मंत्री पीटर स्ज्जेर्टो ने एक पट्टी एक मार्ग की चर्चा करते हुए कहा कि पहले पूंजी पश्चिम से पूर्व की ओर बहती थी, लेकिन आज चीन का पूंजी निवेश पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और इन क्षेत्रों के लिए उच्च तकनीक लायी है। इस तरह एक नयी विश्व व्यवस्था तैयार होगी।

एक पट्टी एक मार्ग की प्रस्तुति से अभी तक के पांच सालों में बहुत से देशों व क्षेत्रों में ठोस प्रगतियां हासिल हो चुकी हैं। अमेरिका के ब्रुकिंग्स संस्थान ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि चीन के पूंजी निवेश से विश्व की समावेशी वृद्धि के लिए नया रास्ता प्रशस्त होगा। 138 देशों में चीन के निवेश वाली 4300 परियोजनाओं की जांच करने से यह निष्कर्ष निकला है कि चीन के निवेश से इन देशों में आर्थिक वृद्धि मजबूत हुई है। एक पट्टी एक मार्ग के निर्माण को देखकर अमेरिका और यूरोप ने भी अपनी अपनी अंतर्राष्ट्रीय अंतःसंबधन योजना पेश की हैं। पर चीनी विदेश प्रवक्ता ने कहा कि यह विभिन्न देशों के बीच आर्थिक सहयोग करने और खुली विश्व अर्थव्यवस्था का निर्माण करने का सकारात्मक संदेश है।

दो साल पहले राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि चीन अपने खुलेपन में विभिन्न पक्षों की भागीदारी का स्वागत करेगा। तथ्यों से यह साबित हुआ कि चीन के खुलेपन से विश्व को तमाम मौके हासिल होंगे।

( हूमिन )

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