थाईवान मामले पर अमेरिका के बेवजह आरोप पर चीन की प्रतिक्रिया

2018-10-05 19:39:00

अमेरिकी उप राष्ट्रपति माइक पेंस ने 4 अक्तूबर को अपने बयान में थाईवान, दक्षिण चीन सागर, मानवाधिकार और धर्म जैसे मुद्दों को लेकर चीन पर बेवजह आरोप लगाये। इस के प्रति चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ छुनयिंग ने कहा कि विश्व में केवल एक चीन है, थाईवान चीन का अभिन्न अंग है। अमेरिका के पास संबंधित देशों के एक चीन सिद्धांत के आधार पर चीन के साथ संबंधित विकास करने पर मनमाने ढंग से टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।“थाईवान की स्वाधीनता”शक्ति और उसकी अलगाव गतिविधि थाईवान जलडमरुमध्य की शांति और स्थिरता के सामने सबसे बड़ा खतरा है। चीन अमेरिका से आग्रह किया कि वह एक चीन सिद्धांत और चीन-अमेरिका तीन संयुक्त विज्ञप्ति के नियम का संजीदगी के साथ पालन करते हुए थाईवान से संबंधित मुद्दे का सतर्कता के साथ निपटारा करे। साथ ही चीन के साथ थाईवान की स्वाधीनता का विरोध करे, ताकि चीन-अमेरिका संबंध और थाईवान जलडमरुमध्य की शांति व स्थिरता की रक्षा की जा सके।

दक्षिण चीन सागर मुद्दे की चर्चा करते हुए चीनी प्रवक्ता ने कहा कि दक्षिण चीन सागर के द्वीपों और आसपास के समुद्री क्षेत्र के प्रति चीन के पास अविवादित प्रभुसत्ता है। चीन का नानशा क्षेत्र में अपनी भूमि पर प्रतिरक्षात्मक संस्थापनों का निर्माण करना अंतरराष्ट्रीय कानून द्वारा संप्रभुता देश को दिया गया आत्म-रक्षात्मक अधिकार है। हमने अमेरिका से तनावपूर्ण स्थिति पैदा करने को बंद करने का आग्रह किया और संबंधित पक्षों के वार्ता और सलाह मशविरे के माध्यम से विवाद के समाधान करने का सम्मान करेगा।

हुआ छुनयिंग ने यह भी कहा कि चीन सरकार मानवाधिकार की रक्षा करते हुए उसे आगे बढ़ाता रहा है। चीन में विभिन्न जातियों के लोग कानून के अनुसार स्वतंत्र तौर पर पूर्ण रूप से धार्मिक विश्वास करते हैं। चीन की मानवाधिकार स्थिति कैसी रही?चीन के पास बोलने का अधिकतम अधिकार है। अमेरिका को अपने मानवाधिकार क्षेत्र में मौजूद सवालों का आत्मनिरीक्षण करना चाहिए, न कि मानवाधिकार और धर्म मुद्दे को लेकर चीन के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप।

(श्याओ थांग)

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