अंतर्राष्ट्रीय संगठन की रिपोर्ट:अमेरिका के "धारा नम्बर 301" से डब्ल्यूटीओ नियमों का उल्लंघन

2018-10-06 16:58:01

जिनेवा स्थित अंतर्राष्ट्रीय संगठन के दक्षिण केंद्र द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की "धारा नम्बर 301" से डब्ल्यूटीओ नियमों, बहुपक्षीयवाद का उल्लंघन होता है।

वर्ष 1995 में स्थापित अंतर्राष्ट्रीय संगठन का दक्षिण केंद्र के कुल 54 सदस्य हैं, जो सब विकासशील देश हैं। इस संगठन ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी कर अमेरिका के "धारा नम्बर 301" के इतिहास, उद्देश्य तथा बहुपक्षवाद के प्रति खतरे का सारांश किया। दक्षिण केंद्र के कार्यकारी प्रधान कार्लोस मारिया ने कहा कि अमेरिका का "धारा नम्बर 301" गैर कानूनी है।

अमेरिका की "धारा नम्बर 301" यानी अमेरिका के वर्ष 1974 व्यापार कानून के धारा नम्बर 301 के अनुसार अमेरिका दूसरे देशों के तथाकथित अन्याय व्यापार की जांच कर सकता है और इन देशों के मालों को अधिक चुंगी वसुल सकता है और संबंधित समझौतों को रद्द कर सकता है। दक्षिण केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका का "धारा नम्बर 301" विश्व व्यापार संगठन के नियम नहीं, पर अमेरिका घरेलू नियम के मुताबिक निर्धारित किया गया है। इस के अनुसार उठाये गये कदमों से पूरी व्यापार व्यवस्था को खतरे में डाला गया है। अमेरिकी व्यापार घाटे का मूल कारण व्यापार नहीं है, वह है अमेरिका की कम बचत दर, विनिमय दर, और अमेरिकी डॉलर का आरक्षित मुद्रा स्थान।

कार्लोस मारिया ने कहा कि विश्व में सिर्फ चीन नहीं, अनेक दूसरे देशों ने भी अपनी औद्योगिक नीतियां बनायी हैं। अमेरिका ने अपने धारा नम्बर 301 के अनुसार चीन की औद्योगिक नीति की आलोचना करने के साथ साथ अपने देश के कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों में औद्योगिक नीति भी बनायी है। चीनी नेताओं ने अनवरत विकास का कदम उठाया है। चीन ने स्वतंत्र नवाचार में भारी प्रगति प्राप्त की है। चीन ने ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धि के संदर्भ में उल्लेखनीय विकास किया है और यह विकास जारी रहेगा।

( हूमिन )

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