चीन अमेरिका का दुश्मन नहीं

2018-10-09 17:17:01

अमेरिका के उप-राष्ट्रपति माइक पेंस ने हाल ही में चीन पर बेबुनियाद आरोप लगाकर चीन-अमेरिका संबंधों में तनाव पैदा की हैं। चीन सरकार ने पेंस के बयानों की कड़ी निन्दा की। उधर अमेरिका में कुछ सूत्रों ने भी पेंस के बयान पर अलग विचार प्रकट किये।

अमेरिका की भूतपूर्व विदेश मंत्री मेडलेन अलब्राइट ने कहा कि चीन अमेरिका का दुश्मन नहीं है। अमेरिका चीन के साथ शीत युद्ध नहीं करना चाहता है। उन्होंने कहा कि यह बेशक है कि चीन नव उभरती हुई शक्ति है। यह चीनी जनता के संघर्ष का परीणाम है, और अमेरिका द्वारा अंतर्राष्ट्रीय जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लेने की वजह से चीन को गुंजाइश मिली है।

अमेरिकी सेना के संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के भूतपूर्व अध्यक्ष व विदेश मंत्री कोलीन पॉवेल ने कहा कि चीन के विकास से अमेरिका को लाभ मिला है। सस्ते चीनी मालों से अमेरिकी जनता की जरूरतों को पूरा किया गया है। दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध करने से अमेरिकी उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचेगा। इसलिए दोनों देशों को वार्ता के जरिये समस्याओं का समाधान करना चाहिये।

अमेरिका के दूसरे भूतपूर्व विदेश मंत्री हेनरी किसिंगर ने कहा कि चीन और अमेरिका दोनों के पास अपनी उम्मीद से विश्व को बदलने की शक्ति है। अमेरिका का आत्मविश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था की गारंटी है, पर चीन के पास हजारों सालों की शासन कौशल भी प्राप्त है। किसिंगर ने कहा कि वे चीन को अंतर्राष्ट्रीय नियम की स्थापना में एक साथी समझते हैं, नहीं तो विश्व मुठभेड़ों की दलदल में फंसता चला जाएगा। इसलिए अमेरिका को विश्व में अपने मित्र खोजकर चीन का मुकाबला नहीं करना चाहिये। उनका मानना है कि विश्व की शांति व समृद्धि इस बात पर निर्भर है कि चीन और अमेरिका के बीच समान कोशिशों का रास्ता तलाश किया जाएगा। किसिंगर ने कहा कि चीनी लोग नीतियों के दीर्घकालीन कार्यक्रम को बढ़ाने के आदतन हैं, पर अमेरिकी लोग तुरंत ही परीणाम निकालना चाहते हैं। चीन और अमेरिका एक दूसरे से सीख सकते हैं, और उन्हें आपस में सीखने की जरूरत है।

( हूमिन )

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