विशेषज्ञ :छिंगताओ एससीओ शिखर सम्मेलन के परिणामों का आगे कार्यान्वयन किया जाएगा

2018-10-13 17:02:01

12 अक्तूबर को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित शांघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ के शासानाध्यक्ष परिषद की 17वीं सभा में चीनी प्रधानमंत्री, रूसी प्रधानमंत्री दिमित्रि मेदवेदेव और पाकिस्तान व भारत के सरकारी प्रतिनिधियों सहित सभी सदस्य देशों के नेताओं या प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

प्रधानमंत्री ली खछ्यांग ने बयान देते हुए कहा कि एससीओ ने एशिया-यूरोप महाद्वीप की शांति और स्थिरता और क्षेत्रीय विकास व समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए सकारात्मक योगदान दिया है। चीन एससीओ के दूसरे सदस्य देशों के साथ साथ छिंगताओ घोषणा का कार्यांवयन करना चाहता है। सभा में उपस्थित दूसरे नेताओं और प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान स्थितियों में क्षेत्रीय देशों की एकता को मजबूत किया जाना चाहिये। विभिन्न सदस्य देशों को व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कृषि, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देना चाहिये, संयुक्त रूप से आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ कदम उठाना चाहिये, ताकि अपने क्षेत्र में शांति व स्थिरता का वातावरण तैयार किया जाए।

चीनी एससीओ अनुसंधान संस्थान के महासचिव तंग हाओ ने कहा कि वर्तमान सभा छिंगताओ शिखर सम्मेलन के बाद एससीओ की दूसरी महत्वपूर्ण सभा है। इस सभा में सबसे महत्वपूर्ण काम है छिंगताओ शिखर सम्मेलन के परिणाम का कार्यांवयन करना। और यह भी चर्चा करने योग्य है कि भारत और पाकिस्तान की सक्रियता को उजागर करने से एससीओ में नयी सहयोग शक्ति बढ़ायी जा सकेगी। सभा में पारित संयुक्त विज्ञप्ति में एससीओ के भावी कार्यों का विन्यास किया गया है, और भविष्य में क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने में एससीओ की अधिक भूमिका साबित होगी।

( हूमिन )

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