टिप्पणी :चीन का विशाल बाजार और आर्थिक लचीलापन जवाबी हमले का भारी हथियार है

2018-10-17 17:05:01

स्थानीय समयानुसार 14 अक्तूबर की रात अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सीबीएस के 60 मिनट कार्यक्रम की एंकर लेसले स्टाह्ल को दिये विशेष साक्षात्कार में दावा किया कि ट्रेड वॉर के लिए चीन के पास पर्याप्त हथियार और बारूद नहीं है। इसके साथ उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच वास्तव में ट्रेड वॉर नहीं है, बल्कि स्किर्मिश है। वे इस छोटी मुठभेड़ को डाउनग्रेड करने पर सोच रहे हैं।

अमेरिका से छिड़े ट्रेड वॉर में चीन ने विवेकता और संयम बनाए रखा है, इसका मतलब ये नहीं है कि चीन के हथियार और बारूद समाप्त होने वाले हैं। वास्तव में चीनी अर्थव्यवस्था का लचीलापन और विशाल बाज़ार हमेशा जवाबी हमले का भारी हथियार और बारूद है।

चीनी अर्थव्यवस्था लगातार 12 तिमाही में 6.7 प्रतिशत से 6.9 प्रतिशत के बीच चली है। आर्थिक वृद्धि निर्यात और पूंजी निवेश पर अधिकतर निर्भरता से उपभोग, सेवा उद्योग के विकास और घरेलू मांग के विस्तार की ओर परिवर्तित हो रही है। चीन के पास संपूर्ण औद्योगिक व्यवस्था है और विश्व में सबसे बड़ा मध्यम आय वर्ग है, विश्व में सबसे बड़ा उपभोग बाज़ार बनने की संभावना है। इन सब से चीनी अर्थव्यवस्था को बाहरी प्रहार की रोकथाम करने में समर्थ्यता है। उल्लेखनीय बात है कि वर्ष 2017 में चीन का निर्यात 22 खरब 60 अरब अमेरिकी डॉलर था। अमेरिका ने जो 2 खरब चीनी वस्तुओं पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया है ,वह सिर्फ चीनी निर्यात की कुल मात्रा का 8.8 प्रतिशत है।

इसके अलावा चीन नये दौर के खुलेपन का इस्तेमाल कर रहा है, जो ट्रेड वॉर के लिए निरंतर बारूद तैयार करेगा। इस साल चीन निरंतर विदेशी निवेश की नकारात्मक सूची छोटी कर रहा है, बाज़ार दाखिले का नियंत्रण हटा रहा है और आयात का विस्तार कर रहा है। इन कदमों से अधिकाधिक विदेशी पूंजी चीन आ रही है। संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन की हालिया रिपोर्ट के अनुसार इस पूर्वार्द्ध में चीन ने कुल 70 अरब अमेरिकी डॉलर प्रत्यक्ष निवेश आकर्षित किया, जो विश्व में सर्वाधिक है।

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