चीन की तरफ से दो बड़े उपहार

2018-11-01 19:39:00

चीन ने 1 नवम्बर से 1585 किस्म वाली आयतित मालों की कर वसुली दर को कम किया। इस तरह चीन की आम कस्टम कर वसुली का स्तर 9.8 प्रतिशत से घटकर 7.5 प्रतिशत तक हो गई है। उधर प्रथम चीनी अंतर्राष्ट्रीय आयात एक्सपो भी शांघाई में उद्घाटित होगा। 130 देशों के तीन हजार से अधिक कारोबार एक्सपो में अपने उत्पाद दिखाएंगे। यह है चीन द्वारा खुलेपन का विस्तार करने के लिए की गयी भारी कार्यवाही है। अप्रैल में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने खुलेपन का विस्तार घोषित किया। इसके बाद चीन ने अनेक ठोस कदम उठाये हैं।

शांघाई के आयात एक्सपो में प्रदर्शनी और मंच के अलावा दूसरे देशों के पाँच हजार किस्म वाले मालों और सैकड़ों नये तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। जी 20, ब्रिक्स, शांघाई सहयोग संगठन और एक पट्टी एक मार्ग के तटस्थ देशों समेत बहुत से देशों की भागीदारी एक्सपो में होगी। विभिन्न देशों के दो हजार से अधिक राजनेता, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि, विद्वान और उद्यमी भी एक्सपो के मंच में विश्व अर्थतंत्र की स्थितियों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। योजनानुसार चीन अगले साल भी आयात एक्सपो का आयोजन करेगा। अभी तक न्यूजीलैंड, जापान और ऑस्ट्रेलिया आदि देशों ने अगले साल के एक्सपो में भाग लेने का विचार प्रकट किया। विश्वव्यापी आर्थिक मंदी की प्रवृत्ति में विकसित और विकासमान देशों की समान उम्मीद है कि आर्थिक विकास और व्यापार करने का मंच चाहिये। चीन के आयात एक्सपो से दुनिया को ऐसा मौका तैयार किया गया है। जापान की वैबसाइट द डिपलोमेट ने अपनी समीक्षा में कहा कि इससे चीनी बाजार का आकर्षण जाहिर होता है। उधर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के पोलिट ब्यूरो ने अपनी बैठक में वर्तमान आर्थिक स्थितियों पर विचार विमर्श किया। बैठक ने यह पेश किया है कि चीन रुपांतर और खुलेपन का निरंतर विस्तार करेगा और अविचल तौर पर उच्च गुणवत्ता वाले आर्थिक विकास पर कायम रहेगा। चीन के द्वारा बड़े पैमाने पर अपनी कस्टम कर वसुली को कम करने और आयात एक्सपो का आयोजन करने से विश्व के सामने अपने द्वारा खोल दिये हैं। यह चीन की तरफ से सारी दुनिया को दिये गये उपहार ही हैं। और दुनिया को भी चीन के रुपांतर व खुलेपन से मौका मिल सकेगा।

( हूमिन )

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